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महेंद्र मोदी ,आईपीएस , पुलिस महानिदेशक (से.नि) व जल गुरु को मिला जल संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय अवार्ड

 


 पेटेंट एक्ट 1970 के अंतर्गत महेंद्र मोदी , जल गुरु को जल संरक्षण के मॉडल के लिए अवार्ड दिया गया।

पेटेंट करते समय  जापान, दक्षिण कोरिया और चीन के मॉडल से चुनौती मिली थी, लेकिन श्री मोदी ने साबित किया कि भारत की सामाजिक, आर्थिक और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुकूल यह अद्वितीय आविष्कार है।

इस अविष्कार के तहत


12 October  वर्ष 2018 में पेटेंट application नंबर  201811038879  पेटेंट controller of india के कार्यालय में file किया था। उन्होंने बताया कि patent attorney ने  email करते हुए सूचित किया है कि यह patent मुझे Patent Act 1970 के अन्तर्गत अवार्ड कर दिया गया है। 

पेटेंट एप्लिकेशन में

 मुख्यतौर पर हर प्रकार के भवन (बिल्डिंग) में वर्षा जल का एक एक बूंद भूगर्भ में रिचार्ज किये जाने की व्यवस्था है.

अभी तक  प्रचलित मॉडल में सिर्फ छत पर का वर्षा जल रिचार्ज करने की व्यवस्था थी और इसमें सीधे 'जल धारक स्तर' (जल श्रोत- aquifer) को रिचार्ज किया जाता था और इसमें प्रदुषित पानी , अम्ल,  हानिकारक सूक्ष्म बरसाती व अन्य जीवाणु भी चले जाते हैं. 

इतने बड़े पैमाने पर छत पर के वर्षा जल को कार्बन फिल्टर से भी शुद्ध करके रिचार्ज करना व्यावहारिक भी नहीं है, खर्चीला भी है.

प्रचलित प्रणाली से सिर्फ Chhat के वर्षा जल को रिचार्ज किया जा रहा है.

यह बोरिंग- piping और कई कारणों से खर्चीला मॉडल है जबकि *माननीय प्रधानमंत्री जी का आव्हान है - एक एक बूंद बचाएँ* (catch the rain wherever and whenever it rains)

वहीँ 

*मोदी मॉडल* (*जल गुरु-  Mahendra मोदी द्वारा आविष्कृत मॉडल)* में इन सारी समस्याओं का समाधान है.

मोदी मॉडल की विशेषताएं- 

मोदी मॉडल  प्रमाण पत्र  पूर्णतः प्रदूषण रहित है.

किफायती है

यह 50 वर्षों तक चलेगा.

ये ऐसा मॉडल है. इसका रखरखाव बहुत आसान है. रिचार्ज सिस्टम ( वर्षा जल पुनर्भरण प्रणाली ) में 5 साल तक गाद, मिट्टी की सफाई के लिए उतरने की ज़रूरत नहीं है.


2-3 पड़ोसी एक संयुक्त रिचार्ज प्रणाली बना सकते हैं. लखनऊ (SCR) में 500 वर्गमीटर , NCR में 800 वर्गमीटर में होने वाली बारिश का पानी रिचार्ज किया जा सकता है.


कार्बन फिल्टर की जरूरत नहीं है, पांच दिशाओं से रिचार्ज होने के कारण 5-6 फीट चौड़े मॉडल का भी रिचार्ज एरिया 178 वर्गफीट होता है.

अकेला व्यक्ति गाद छन्ना टंकी को दस मिनट में साफ कर लेगा. सफाई के लिए Desilting मशीन पर खर्च की जरूरत नहीं है.

आम आदमी के लिए सरल  आसान तकनीक है।

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