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Showing posts from April, 2025
जब कोई पुरुष कोमल, सौम्य और लगातार सम्मानपूर्ण व्यवहार करता है, तो एक स्त्री का नर्वस सिस्टम (तंत्रिका तंत्र) धीरे-धीरे ठीक होने लगता है। यही कारण है कि जब एक महिला सही तरीके से प्यार की जाती है, तो उसके चेहरे पर एक खास चमक आ जाती है। यह सिर्फ प्यार नहीं होता, बल्कि वह भावनात्मक सुरक्षा होती है। तो प्रिय पुरुष, जब तुम बिना किसी निर्णय के उसके लिए स्थान बनाते हो, तो वह सीखती है कि उसे प्यार पाने के लिए खुद को छोटा नहीं करना पड़ता। वह चैन की सांस ले पाती है, यह जानकर कि उसकी भावनाएँ तुम्हारे साथ सुरक्षित हैं। जब तुम उसे सिर्फ जवाब देने के लिए नहीं, बल्कि समझने के लिए सुनते हो—तो वह खुद को उस तरह देखा और समझा हुआ महसूस करती है, जैसा शब्द कभी नहीं कह सकते। एक स्त्री जो समझी जाती है, वह एक ऐसी रोशनी में चमकने लगती है जिसे दुनिया अनदेखा नहीं कर सकती। जब तुम झुंझलाहट की जगह धैर्य चुनते हो, तो वह सीखती है कि प्यार कोई ऐसी चीज नहीं जिसे परफेक्ट बनकर कमाना पड़े। वह मानने लगती है कि वह जैसी है, वैसी ही काफी है। जब तुम अपना वादा निभाते हो, चाहे वह कितना भी छोटा क्यों न हो, तो तुम उसे भरोसा करना सि...

₹25,000 का जुर्माना, विभाग बोला – ‘हमें फर्क नहीं पड़ता’

सूचना का अधिकार बना लापरवाही का तमाशा LDA के जनसूचना अधिकारी पर ₹25,000 का जुर्माना, विभाग बोला – ‘हमें फर्क नहीं पड़ता’ लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) का काम अब विकास नहीं, बल्कि सूचना छुपाने में मास्टरी हासिल करना हो गया है। RTI एक्ट जिसे आम जनता ने अपने अधिकारों का हथियार माना था, अब विभागों ने उसे ‘खेल का मैदान’ बना दिया है। कहीं जवाब देर से, तो कहीं जानकारी बिना सिर-पैर के – और फिर जो चाहे वो समझ लो! ऐसा ही एक बेहतरीन उदाहरण सामने आया है प्राधिकरण के प्रवर्तन जोन-2 से, जहां एक जागरूक नागरिक ने 21 नवंबर 2023 को ट्रांसपोर्ट नगर स्थित पार्किंग नंबर 3 के पास बन रही एक इमारत की जानकारी मांगी।  सवाल बड़ा सीधा था –"ये निर्माण वैध है या जादू से बना है?" लेकिन जवाब देने में प्राधिकरण को इतनी तकलीफ़ हुई कि उन्हें सात महीने भी कम लगने लगे। आवेदक थक-हारकर 5 जुलाई 2024 को अपील दायर करता है, लेकिन LDA की तरफ से जनसूचना अधिकारी साहब इतने व्यस्त निकले कि सूचना आयोग के बुलावे पर भी ‘बॉस की मीटिंग’, ‘अचानक छुट्टी’, ‘ट्रैफिक में फंसे हैं’ जैसे बहाने लेकर आते रहे। फिर आयोग ने भी सोचा – अब तो हो...

विकास का कोई विकल्प नहीं होता -मुख्यमंत्री

हाई स्कूल की छात्रा प्रीति कुशवाहा और इंटरमीडिएट की छात्रा श्वेता प्रसाद को प्रशस्ति पत्र एवं मेडल प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया.. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवरिया को दी 676 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात.. 501 परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास.. 11.31 करोड की लागत से नवनिर्मित राजकीय महाविद्यालय का फीता काट कर किया लोकार्पण.. वशिष्ठ  देवरिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद के देसही देवरिया ब्लाक अन्तर्गत पड़ियापार में आयोजित कार्यक्रम में बटन दबाकर जनपद को 676 करोड़ 32 लाख रुपये की लागत वाली 501 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने 11.31 करोड की लागत से नवनिर्मित राजकीय महाविद्यालय का लोकार्पण फीता काटने के साथ किया। मुख्यमंत्री आदित्यानाथ ने अपने सम्बोधन में देवरिया सहित पूरे उत्तर प्रदेश के लोगों को अक्षय तृतीया और परशुराम जयंती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हमारे सनातन धर्म में अक्षय तृतीया तिथि को अत्यंत पवित्र माना गया है।  देवरिया जनपद में बीते वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। पहले जहां त्योहारों के समय भय का वातावरण होता था, आज ...

पार्षद गुलशन अब्बास पानी की समस्या को लेकर धरने पर बैठे

वार्ड मल्लाही टोला में कही पानी का काल तो कही आ रहा सीवर युक्त पानी लखनऊ। जोन-6 के वार्ड मल्लाही टोला सेकेण्ड के युवा सपा पार्षद गुलशन अब्बास सोमवार को नजता के सामने आ रही पानी की समस्या को लेकर अधिशासी अभियंता द्वितीय जलकल विभाग, नगर निगम, बालागंज कार्यालय पुहंचकर अकेले ही धरने पर बैठ गये। धीरे-धीरे वार्डवासी सैकड़ों को तादाद में पहुंचकर धरने में शामिल हुए और जलकल विभाग की व्यवस्थाओं पर नारजगी के साथ नारे लगाने लगे।  गुलशन अब्बास के साथ साहनी सेठ, शंकर, दद्द रजा इमाम, कुमैल, अहमद, जुहैब, मजहर, मीनू, असकरी, कासिम, अली मोहम्मद, शावेज, शबाब आलम, रियासत, छोटे भय्या, अशरफ, तुफैल, सुभान सहित तमाम लोग धरने में शामिल हुए।  पार्षद गुलशन अब्बास ने कहा कि दर्जनों बार पानी की शिकायत दर्ज कराने के बाद भी व्यवस्था सही नहीं हुई। जनता ने मुझे वोट देकर जिताया है तो उसकी कीमत तो चुकानी पड़ेगी।  पार्षद को एक्सेन अनिल कुमार और और जेई कुलदीप ने दिया आश्वासन  सोमवार को जोन-6 के वार्ड मल्लाही टोला सेकेण्ड के युवा सपा पार्षद गुलशन अब्बास जग अपने समर्थकों के साथ अधिशासी अभियंता द्वितीय जलकल व...

लखनऊ नगर निगम की लापरवाही उजागर

सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में.. केंद्रीय कार्यशाला के सामने कंपोस्ट प्लांट में कूड़ा गाड़ियों से बैटरियों के तार चोरी,  शिवांश पाण्डेय लखनऊ। नगर निगम की बड़ी लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। केंद्रीय कार्यशाला के सामने स्थित कंपोस्ट प्लांट में खड़ी नगर निगम की कूड़ा गाड़ियों से अज्ञात चोरों ने बैटरियों के तार चुरा लिए।  हैरानी की बात यह है कि घटना के समय मौके पर सुरक्षा कर्मी तैनात थे, बावजूद इसके चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया। स्थानीय कर्मचारियों के अनुसार, कंपोस्ट प्लांट परिसर में दर्जनों कूड़ा गाड़ियाँ खड़ी थीं, जिनमें से कई गाड़ियों की बैटरियों के वायरिंग को काटकर चुरा लिया गया। इससे नगर निगम को आर्थिक नुकसान तो हुआ ही है, साथ ही सवाल उठने लगे हैं कि नगर निगम की संपत्ति कितनी असुरक्षित है, जब सुरक्षा कर्मी मौजूद होने के बावजूद इस तरह की वारदातें हो रही हैं। सूत्रों की मानें तो, चोरी की यह घटना सुनियोजित लगती है। चोरी गए तारों की कीमत भले ही सीमित हो, लेकिन इससे गाड़ियों के संचालन पर सीधा असर पड़ा है, जिससे शहर में सफाई व्यवस्था भी बाधित हो सकती है। नगर निगम प...

मैं पाकिस्तान की बेटी थी,अब हिंदुस्तान की बहू हूं -सीमा हैदर

सीमा हैदर की इस बात पर पहले पति गुलाम का जवाब,मेरे चारों बच्चे पाकिस्तानी हैं,उन्हें वापस भेजें नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम में बैसारन घाटी में 22 अप्रैल को आतंकियों ने बड़ा हमला किया। इस आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की मौत हो गई। 24 अप्रैल को भारत सरकार ने सख्‍त कदम उठाते हुए भारत में मौजूद सभी पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए थे और उन्‍हें देश छोड़ने का आदेश दिया था। ज्‍यादातर पाकिस्‍तानी नागरिक वापस भेजे जा चुके हैं।इसी बीच अपने प्रेमी सचिन मीणा के लिए पाकिस्तान छोड़कर आई सीमा हैदर भी सुर्खियों में है।  सीमा हैदर के पहले पति गुलाम हैदर ने एक वीडियो जारी कर बच्चों को पाकिस्तान डिपोर्ट करने की मांग की है।गुलाम ने कहा कि भारत में कुछ भी बड़ा हो सकता है। गुलाम हैदर ने कहा कि सीमा हैदर पिछले दो सालों से भारत में अवैध तरीके से रह रही है,वीजा लेकर गए लोगों को तो भारत वापस भेज रहा है और अवैध तरीके से भारत में रह रही सीमा पर किसी तरह का कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है,उस पर एक्शन लिया जाना चाहिए और जेल भेजा जाना चाहिए। गुलाम ने कहा कि सीमा के पास जो बच्चे हैं,वह ...

नगर निगम के द्वारा लगभग 5 करोड़ की क़ीमत की ज़मीन कब्ज़ा मुक्त कराई गई!

राजधानी लखनऊ में नगर निगम  के द्वारा की गई बड़ी बुलडोजर कार्यवाही! लखनऊ में अंसल ग्रुप ने शमशान की ज़मीन पर किया था कब्ज़ा! नगर निगम ने बुलडोजर की कर्रवाई कर ज़मीन कब्ज़ा मुक्त कराया! अंसल ग्रुप की ओर से सीमेंटेड बाउंड्री बना कर प्लॉटिंग की जा रही थी! नगर निगम के द्वारा लगभग 5 करोड़ की क़ीमत की ज़मीन कब्ज़ा मुक्त कराई गई!

उ.प्र. स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ का 7वाँ प्रांतीय अधिवेशन सम्पन्न

शशि कुमार मिश्र पुनः प्रदेश अध्यक्ष चुने गए.. शिवांश पाण्डेय लखनऊ। उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ का 7वां प्रांतीय अधिवेशन कानपुर नगर निगम में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।  अधिवेशन में वर्ष 2014 से लगातार संगठन का नेतृत्व कर रहे शशि कुमार मिश्र (लखनऊ) को पुनः प्रदेश अध्यक्ष निर्वाचित किया गया। महासंघ ने अन्य प्रमुख पदों के लिए भी निर्वाचित प्रतिनिधियों की घोषणा की, जिसमें रमाकांत मिश्र (कानपुर) को प्रदेश महामंत्री,  राकेश अग्निहोत्री (गाजियाबाद) को कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष,  गोमती त्रिवेदी (लखनऊ) को कोषाध्यक्ष, सैयद कैसर रजा को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, नितिन त्रिवेदी को उपाध्यक्ष, शैलेन्द्र तिवारी को मंत्री और सुधाकर मिश्र को प्रचार मंत्री चुना गया। इसके अलावा अवध क्षेत्र से राम कुमार रावत को क्षेत्रीय अध्यक्ष चुना गया।  कार्यकारिणी सदस्य के रूप में आनंद मिश्र, मनोज वर्मा, हरिशंकर पाण्डेय, मोहम्मद अय्यूब, प्रदीप सिंह, मोहम्मद हनीफ तथा आर.पी. सिंह का चयन किया गया। अधिवेशन में लखनऊ यूनिट की सक्रिय भागीदारी रही। नगर निगम जलकल कर्मचारी संघ, उत्तर प्रदेश चतुर्थ श्रे...

सूचना निदेशक का पेजा प्रतिनिधि मण्डल ने पद भार ग्रहण करने पर किया स्वागत व सम्मान

Manoj Kumar लखनऊ. प्रिन्ट एवं इलेक्ट्रॉनिक जनलिस्ट एसोसिएशन के तत्वावधान में सूचना निदेशक विशाल सिंह से प्रतिनिधि मंडल ने शिष्टाचार मुलाकात की और राम मंदिर एवं रामनाम पटका तथा पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत व सम्मानित किया. उपरोक्त अवसर पर गिरीश चंद्र कुशवाहा, राजेश अग्रवाल, आर पी सिह, एके सेठ, हरीराम त्रिपाठी, हैदर जैदी, मो. अबरार, आदि ने शिषटा मुलाकात की और बधाई दी.

टैटू हमें चिकित्सा, विश्वास, और संस्कृति की एक झलक देते?

मैं एक ऐसे इंसान की कहानी सुना रहा हूँ, जिसके शरीर पर दुनिया के सबसे पुराने टैटू मिले. कहानी है ओत्ज़ी की, जिसे आइसमैन भी कहते हैं.  ..वो कोई आम इंसान नहीं था. वो 5,300 साल पहले बर्फ में दबा और फिर दबा रहा ताकि एक दिन हमें अपनी कहानी सुना सके. सितंबर 1991 की बात है. इटली और ऑस्ट्रिया की सीमा पर, ओत्ज़टाल आल्प्स की बर्फीली चोटियों पर दो जर्मन पर्यटक- हेल्मुट और एरिका सिमोन घूम रहे थे। ऊँचाई थी 3,210 मीटर और चारों तरफ थी बस बर्फ ही बर्फ. तभी उनकी नज़र एक अजीब सी चीज़ पर पड़ी. पहले तो उन्हें लगा कि शायद कोई हाल ही में मरा हुआ पर्वतारोही होगा लेकिन जब पास गए तो चौंक गए. ये कोई साधारण लाश नहीं थी. ये था एक ममीकृत शरीर जो बर्फ में पूरी तरह सुरक्षित था. वैज्ञानिकों ने बाद में जब इसकी विस्तार से जाँच की तो पता चला कि ये शरीर 3350 से 3105 ईसा पूर्व का है, यानि करीब 5,300 साल पुराना. इस इंसान को ओत्ज़ी नाम दिया गया क्योंकि वो ओत्ज़टाल आल्प्स में मिला था. ओत्ज़ी एक पुरुष था जिसकी उम्र मरते वक्त करीब 45 साल रही होगी. वो लगभग 1.6 मीटर लंबा था और उसका वजन करीब 50 किलो था. वैज्ञानिकों ने उसकी जिंद...

आपका बिल पहले ही चुका दिया!

गर्मी का आरंभ था।  जब मैं गुलबर्गा में उदयन एक्सप्रेस में सवार हुई,  तो देखा कि द्वितीय श्रेणी आरक्षित डिब्बा लोगों से खचाखच भरा हुआ था। मैं बैठ गई और मुझे बर्थ के कोने में धकेल दिया गया। टिकट कलेक्टर आया और लोगों के टिकट चेक करने लगा।  अचानक, उसने मेरी ओर देखा और पूछा, "आपका टिकट कहां है?" 'मैंने आपको पहले ही टिकट दिखाया है', मैंने कहा। 'आप नहीं मैडम, आपके बर्थ के नीचे छिपी हुई लड़की का टिकट ?' मुझे एहसास हुआ कि कोई मेरी बर्थ के नीचे बैठा हुआ है। जब टीसी ने उस पर चिल्लाया, तो वह लड़की बाहर आई। वह पतली, डरी हुई और ऐसा लग रहा था कि वह बहुत रो रही थी। उसकी उम्र लगभग 13 या 14 साल रही होगी। टीसी ने उसे जबरन डिब्बे से बाहर खींचना शुरू किया। अचानक, मुझे एक अजीब सा एहसास हुआ। 'साहब, मैं उसका टिकट खरीद लूंगी', मैंने टीसी से कहा। उसने मेरी ओर देखा और कहा, 'मैडम, अगर आप उसे 10 रुपये दे दें, तो वह टिकट से ज्यादा खुश होगी।' मैंने उसकी बात नहीं सुनी और उसके लिए अंतिम गंतव्य बंगलौर तक का टिकट खरीद लिया, ताकि वह लड़की जहाँ चाहे उतर सके। धीरे-धीरे, उसने बोलना ...

IAS बने हिमांशु प्रजापति व उनके माता-पिता को किया सम्मानित

पूर्व मंत्री पवन पांडेय व पारसनाथ यादव ने किया सम्मानित. फूल माला पहनाकर हिमांशु को भेंट किया अंग वस्त्र व मिष्ठान. Ravi Maurya अयोध्या। समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री तेज़ नारायण पांडेय पवन व समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष पारसनाथ यादव ने IAS बने हिमांशु प्रजापति व उनके पिता देवनारायण प्रजापति तथा उनकी माता शिक्षामित्र गीता प्रजापति को कपासी गांव पहुंचकर अंग वस्त्र,मिष्ठान व फूल माला पहनकर उन्हें सम्मानित किया।  इस मौके पर पूर्व मंत्री पवन पांडे ने कहा कि संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सर्वाधिक प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा 2024 में अयोध्या जनपद के बीकापुर विधानसभा के कपासी गांव निवासी देवनारायण प्रजापति जी के सुपुत्र हिमांशु प्रजापति ने IAS की परीक्षा पास कर अयोध्या जनपद का नाम रोशन किया है। हिमांशु प्रजापति की सफलता के पीछे उनके माता-पिता की त्याग तपस्या है।  आज भी हमारे ग्रामीण अंचल में ऐसी तमाम प्रतिभाएं हैं जो संसाधनों के अभाव में भी अपने माता-पिता,गांव,समाज तथा जनपद का नाम रोशन कर रहे हैं। इसका जीता जागता उदाहरण IAS की परीक्षा पास करने वाले हिमांशु प्रजापति हैं।...

..साहब मौजूद नहीं हैं?

लखनऊ नगर निगम की लापरवाही उजागर जनता परेशान, अधिकारी मीठी नींद में शिवांश पाण्डेय लखनऊ। नगर निगम में नए नगर आयुक्त के पदभार संभालने के बाद भी जनता को राहत मिलती नहीं दिख रही है। मंगलवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब जोन-1 के जोनल अधिकारी अपने कार्यालय में आराम फरमा रहे थे और जनता को उनके दरवाजे से निराश होकर लौटना पड़ा। सूत्रों के अनुसार, जब एक शिकायतकर्ता अपनी समस्या लेकर जोन-1 कार्यालय पहुंचे, तो वहां मौजूद चपरासी ने यह कहकर टालने की कोशिश की कि "साहब मौजूद नहीं हैं।"  लेकिन जब शिकायतकर्ता ने दरवाजा खटखटाया और अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो उन्होंने केबिन के अंदर से आवाज लगाई। हैरानी की बात यह रही कि उसी समय केबिन के भीतर से जवाब आया कि "जोनल अधिकारी नहीं हैं।" जबकि दरवाजा अंदर से बंद था और अधिकारी खुद अंदर आराम कर रहे थे। इस घटना ने नगर निगम में फैली अनियमितता और अधिकारियों की लापरवाही की पोल खोल कर रख दी है। जनता अपने अधिकारों और समस्याओं के समाधान के लिए भटकती रही, जबकि जिम्मेदार अधिकारी कार्यालय में ही चैन की नींद लेते रहे। पीड़ित व्यक्ति, जिसका ...

"सामाजिक न्याय एवं धार्मिक एकता के बीच कराहता बहुजन संघर्ष"

Manoj Manav यह गजब का संयोग है कि एक ओर 150 वर्ष पुरानी सामाजिक कुरीतियों, जाति व्यवस्था और महिलाओं के प्रति भेदभाव को उजागर करने वाली फिल्म 'फुले' रिलीज होती है, तो दूसरी ओर ठीक उसी समय कश्मीर में एक आतंकवादी घटना घटित हो जाती है, जिसमें हिंदू धर्म के नाम पर लोगों को निशाना बनाया जाता है। इसके बाद हिंदुत्ववादी संगठनों द्वारा धर्म के आधार पर लोगों को संगठित करने की गतिविधियां तेज हो जाती हैं, और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं शुरू हो जाती हैं और इसी बीच बहुजन समाज के लिए मार्गदर्शक साबित होने वाली फ़िल्म फुले मिडिया और लोंगो के बीच से गायब होकर दब जाती है। दोनों विषयों में एक समानता यह है कि 'फुले' फिल्म धार्मिक भेदभाव को उजागर करती है। यह शूद्र वर्ण, अर्थात् दलित और पिछड़ी जातियों तथा महिलाओं के लिए धर्म के भीतर लड़कर हक-अधिकार दिलाने की लड़ाई को दर्शाती है, जो उस समय की सच्चाई से रूबरू कराती है। वहीं, आतंकवादी घटना के बाद हिंदू धर्म के नाम पर लोगों को जाति व्यवस्था से ऊपर उठकर संगठित करने पर जोर दिया जाता है। फिल्म एक ओर ब्राह्मणवाद और जातिगत शोषण की सच्चाई उजागर करती है, त...

टंकी ने की भ्रष्टाचार से तंग आकर की आत्महत्या?

लखीमपुर खीरी में करोड़ों की टंकी ने भ्रष्टाचार से तंग आकर की आत्महत्या! उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में 3 करोड़ रुपए से बनी पानी की टंकी ने भ्रष्टाचार की बुनियाद पर टिकी अपनी नियति को बखूबी निभाया टेस्टिंग में ही गर्व से ढह गई! जैसे ही पानी भरा गया, टंकी ने प्रेशर झेलने की बजाय पूरे आत्मसम्मान के साथ ज़मीन पर लोट लगा दी। स्थानीय लोग चौंके जरूर, पर अफसरों और ठेकेदारों के चेहरों पर अदृश्य मुस्कान थी आखिर फिर से नया टेंडर आएगा, नया खेल चलेगा! 3 करोड़ की लागत वाली यह टंकी इतनी नाजुक निकली कि देख कर टूथपेस्ट की खाली ट्यूब भी कुंठा में चली जाए। शायद टंकी ने भी सोचा होगा — "इतने घोटाले झेलने से अच्छा खुद ही फट जाऊं!" अब प्रशासनिक गलियारों में गहन चिंतन चल रहा है — दोष किसका था? टंकी का, पानी का या जनता की उन मासूम उम्मीदों का जो हर बार विकास के नाम पर छलनी कर दी जाती हैं। अगर यही विकास है, तो अगली बार सलाह दी जानी चाहिए — टेस्टिंग पानी से नहीं, गुलाबजल से हो! कम से कम टंकी शहीद होने से पहले महक तो जाती!

शिव नारायण सिंह की प्रेरणादायक बोध कथाएं विद्यार्थियों के जीवन में बदलाव ला रही

शिव नारायण सिंह अनूठा किस्सागो देवरिया के शिव नारायण सिंह की प्रेरणादायक बोध कथाएं न केवल विद्यार्थियों के जीवन में बदलाव ला रही हैं बल्कि अब इन पर देशभर के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में शोध भी हो रहा है।  जानिए कैसे उनकी अनूठी शिक्षा पद्धति आधुनिक दौर में विद्यार्थियों को एक संतुलित और मूल्यपरक शिक्षा प्रदान कर रही है... देवरिया की मेधा का देशभर में डंका गुरुकुल परंपरा की याद दिलाती बोध कथाएं प्रेस्टिज इंटर कालेज के संस्थापक प्रधानाचार्य शिव नारायण सिंह की अनूठी पहल है। शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रहे, बल्कि उसमें नैतिक मूल्य और जीवन दर्शन भी समाहित हो—इस उद्देश्य को लेकर प्रेस्टिज इंटर कालेज, देवरिया के संस्थापक प्रधानाचार्य शिव नारायण सिंह बीते 25 वर्षों से लगातार प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों को प्रेरणादायक बोध कथाएं सुनाते आ रहे हैं। उनकी यह अनूठी पहल न केवल विद्यार्थियों में संस्कार और नैतिकता की भावना विकसित कर रही है, बल्कि अब इन बोध कथाओं पर देशभर के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में शोध भी किया जा रहा है। मूल रूप से देवरिया के भटनी कस्बा से सटे छपिया जयदेव गांव ...

लखनऊ मानसून से पहले हैदर कैनाल की सफाई अभियान

लखनऊ। मानसून से पहले हैदर कैनाल की सफाई अभियान की भव्य शुरुआत.. नगर निगम ने कसी कमर शिवांश पाण्डेय लखनऊ में मानसून से पहले जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम ने सफाई अभियान को रफ्तार दे दी है। शनिवार को हैदर कैनाल नाले की सफाई का कार्य जोरशोर से शुरू किया गया। खास बात यह रही कि नगर निगम के आरआर विभाग के चीफ इंजीनियर मनोज प्रभात स्वयं मौके पर मौजूद रहे और सफाई कार्य का निरीक्षण किया। नगर आयुक्त गौरव कुमार के सख्त निर्देशों ok के तहत पूरे शहर में नालियों और नालों की सफाई अभियान को तेज कर दिया गया है। मानसून के दौरान शहर में जलजमाव की समस्या न हो, इसके लिए समय से पहले तैयारियों का आगाज कर दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक अगले एक हफ्ते तक सफाई अभियान को युद्ध स्तर पर चलाया जाएगा। इस अभियान में सभी जोन के जोनल अधिकारी, जोनल सेनेटरी। ऑफिसर के साथ-साथ इंजीनियरिंग विभाग के XEN, JE और अन्य अधिकारी भी पूरी टीम के साथ मैदान में डटे हुए हैं। नगर निगम का यह प्रयास न सिर्फ मानसून के दौरान आम जनता को राहत पहुंचाएगा, बल्कि शहर की स्वच्छता और जल निकासी व्यवस्था को भी बेहतर बनाने में मील का पत्थर...

लालकुआ के पास कूड़े का अंबार बना सिरदर्द, बदबू और गंदगी से परेशान हैं स्थानीय लोग

शिवांश पाण्डेय लखनऊ। राजधानी लखनऊ के जोन 1 स्थित लालकुआ क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। यहां सड़क किनारे कूड़े का अंबार लगा हुआ है, जिससे स्थानीय नागरिकों को न सिर्फ गंदगी बल्कि भयंकर बदबू का भी सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि राह चलते लोगों को भी इस बदबू और गंदगी के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय नागरिकों की नाराज़गी 45 नवाइया न्यू गणेशगंज नाका, हिंडोला के पास रहने वाले लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद नगर निगम की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।  नगर निगम की लापरवाही के कारण इलाके की हालत बद से बदतर होती जा रही है। कूड़े का नियमित निस्तारण न होने से न सिर्फ बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है, बल्कि इलाके की छवि भी धूमिल हो रही है।" क्या कहता है प्रशासन? स्थानीय निवासियों की शिकायतों के बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। क्षेत्र के लोग जल्द से जल्द सफाई व्यवस्था सुधारने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

लखनऊ नगर निगम में वॉलिंटियर्स का कब्ज़ा?

 लखनऊ नगर निगम में वॉलिंटियर्स का कब्ज़ा.. आदेश के बावजूद अब तक जारी टैक्स वसूली.. शिवांश पाण्डेय लखनऊ। नगर निगम लखनऊ में एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा हो गया है। जोन 1 से लेकर जोन 8 तक वॉलिंटियर्स का दबदबा कम होने का नाम नहीं ले रहा। टैक्स वसूली के नाम पर इन वॉलिंटियर्स ने लूट मचा रखी है और नगर निगम के अंदरूनी सिस्टम को हिला कर रख दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि 4 अप्रैल को तत्कालीन नगर आयुक्त ने सभी वॉलिंटियर्स को हटाने का आदेश जारी किया था, लेकिन आदेश के बावजूद ये वॉलिंटियर्स अब भी सभी जोनों में सक्रिय हैं और टैक्स वसूली का काम कर रहे हैं। इससे न सिर्फ नगर निगम की छवि धूमिल हो रही है, बल्कि भ्रष्टाचार और मनमानी का भी खुला खेल सामने आ रहा है। अब निगाहें टिकी हैं नए नगर आयुक्त पर, जिनके आने के बाद उम्मीद की जा रही है कि वे इस पूरे मामले में सख्त कदम उठाएंगे और जवाबदेही तय करेंगे।  क्या ये वॉलिंटियर्स हटेंगे? क्या आदेश का पालन होगा? या फिर नगर निगम में यही 'सिस्टम' चलता रहेगा — यह आने वाला वक्त बताएगा। नगर निगम के अंदर मची इस उठापटक पर पूरा लखनऊ नज़र रखे हुए है।

पाटिल संवर्ग को ऊचाईयों ले जायेंगे तीसरी बार प्रदेश अध्यक्ष

राजकीय ऑप्टोमेट्रिस्ट संगठन के तीसरी बार प्रदेश अध्यक्ष बनने पर सम्मान समारोह. डॉ भीमराव अंबेडकर सभागार द्वारा नव निर्वाचित राजकीय ऑप्टोमेट्रिस्ट संगठन के तीसरी बार प्रदेश अध्यक्ष बनने पर एवं अन्य पदाधिकारी का सम्मान समारोह किया गया. लखनऊ. बोधिसतत्व बाबा साहेब डॉ भीमराव आंबेडकर महासभा के तत्वधान में राजकीय ऑप्टोमेट्रिस्ट एसोसिएशन के तीसरी बार प्रांतीय अध्यक्ष चुने जाने पर एक स्वागत समारोह का आयोजन  आंबेडकर महासभा परिसर में संपन्न हुआ.  इस समारोह को सम्बोधित करते मुख्य अतिथि डॉ लालजी प्रसाद निर्मल सबसे पहले प्रांतीय अध्यक्ष सर्वेश पाटिल महामंत्री रविंद्र यादव एवं संयुक्त सचिव डी डी वर्मा अब हम समस्त पदाधिकारी को ऐतिहासिक जीत बधाई देते हुए कहा पाटिल संवर्ग को ऊचाईयों ले जायेंगे.  कार्यक्रम में अतिथि विशिष्ट अतिथि के रूप में  आर आर जायसवाल प्रथम लोकपाल लखनऊ एवं अध्यक्ष प्रमोद सरोज महामंत्री अमरनाथ प्रजापति एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष सावित्री देवी कोषाध्यक्ष डॉ० सत्या दोहरे अमेठी से संजय मंच का संचालन कर रहे रामचंद्र पटे चिकित्सा स्वास्थ्य महासंघ के जिला अध्यक्ष कपिल वर्मा कोष...

नजूल की भूमि पर भी तेज़ी से अतिक्रमण, नगर निगम बेबस

राम पथ या कब्जा पथ? फुटपाथों से नजूल ज़मीन तक पसरी.. अतिक्रमण पासरो योजना.. विभागों में जिम्मेदारी की टालमटोल लीला.. अयोध्या। शहर के सौंदर्यीकरण के लिए करोड़ों रुपये की लागत से बनाए गए राम पथ रोड के दोनों ओर के फुटपाथ शाम होते ही अपने उद्देश्य से भटक जाते हैं।  शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक ये फुटपाथ आमजन की सुविधा के लिए नहीं, बल्कि अस्थायी दुकानों, ठेलेवालों, कुर्सियों और गाड़ियों की अघोषित ‘अतिक्रमण पासरो योजना’ में तब्दील हो जाते हैं। यह नज़ारा केवल तब बदलता है जब मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री या कोई बड़ा नेता अयोध्या के दौरे पर होता है। तब नगर निगम और पुलिस प्रशासन पूरी मुस्तैदी से फुटपाथ खाली करवा देता है, लेकिन आम दिनों में यही व्यवस्थाएं आंख मूंद लेती हैं। नगर निगम के एक अधिकारी से जब इस पर सवाल किया गया तो उन्होंने साफ कहा, “हमारा कर्तव्य अतिक्रमण हटाना है, लेकिन यह सुनिश्चित करना कि दोबारा अतिक्रमण न हो. यह अस्थायी पुलिस चौकी की ज़िम्मेदारी है।” यानी जिम्मेदारी ढोने के बजाय विभाग एक-दूसरे पर बोझ डालकर पीछे हट रहे हैं। राम पथ रोड के सामने कई जगहों पर बड़े-बड़े प्लॉट नजूल विभाग की...
दिग्गज निर्देशक स्टीफन फ्रीयर्स विलियम डेलरिम्पल की द एनार्की के सीरीज रूपांतरण का निर्देशन करेंगे, जिसे WIIP और रॉय कपूर फिल्म्स का समर्थन प्राप्त है सिद्धार्थ रॉय कपूर भारत के अब तक के सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक कहानी कहने के प्रयासों में से एक का नेतृत्व करेंगे 23 अप्रैल, 2025 - प्रसिद्ध ब्रिटिश फिल्म निर्माता स्टीफन फ्रीयर्स, जो अपनी फिल्मोग्राफी की शानदार रेंज के लिए जाने जाते हैं, जिसमें द क्वीन, डेंजरस लाइजन्स, फिलोमेना, विक्टोरिया एंड अब्दुल, माई ब्यूटीफुल लॉन्ड्रेट, द ग्रिफ्टर्स, हाई फिडेलिटी, द रिजीम और ए वेरी इंग्लिश स्कैंडल जैसे शीर्षक शामिल हैं, विलियम डेलरिम्पल की समीक्षकों द्वारा प्रशंसित पुस्तक द एनार्की: द रिलेंटलेस राइज ऑफ द ईस्ट इंडिया कंपनी के महत्वाकांक्षी रूपांतरण का निर्देशन करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस सीरीज को यूएस-आधारित स्टूडियो WIIP और प्रमुख भारतीय प्रोडक्शन हाउस रॉय कपूर फिल्म्स के बीच एक अंतर्राष्ट्रीय सह-निर्माण के रूप में बनाया जा रहा है। 18वीं सदी में सेट की गई, द एनार्की की कहानी आज भी प्रासंगिक है, एक ऐसी दुनिया में जहाँ कॉर्पोरेट दिग्गज पूरे राष्...
बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर सौंपा गया प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन.. राज्य हमारा अधिकार है, हम इसे लेकर रहेंगे, का गूंजा नारा.. झांसी ।  बुंदेलखंड राज्य की बहुप्रतीक्षित मांग को लेकर बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के कार्यकर्ताओं ने आज झांसी महानगर में ज़िला अधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक ज्ञापन सौंपा।  कार्यकर्ताओं ने सरकार से पृथक बुंदेलखंड राज्य के गठन की मांग करते हुए नारे लगाए "राज्य हमारा अधिकार है, हम इसे लेकर रहेंगे!" ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में समिति के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री यज्ञेश गुप्ता, राष्ट्रीय मंत्री पुनीत अग्रवाल, क्षेत्रीय सह संयोजक संजय अग्रवाल, बीके गुप्ता, महानगर जिला अध्यक्ष दीपक साहू, ग्रामीण जिला अध्यक्ष सतेन्द्र शर्मा सहित ज्ञानेश्वर कुशवाहा, भारत कुशवाहा, विशाल ठाकुर, वीरेन्द्र झा, इस्माइल खा, कमलेश परिहार, रोहित परिहार, रहीस खान, कृष्णबिहारी तिवारी, आशीष दुबे, दीनानाथ शर्मा, विनोद जोशी,अनिल झा, सोलमन जोसफ और अन्य अनेक कार्यकर्ता शामिल रहे। ज्ञापन में कहा गया कि बुंदेलखंड वर्षों से उपेक्षा का शिकार रहा है। यहाँ के ल...

बहनों चलो बंगाल चलें लेके नीला ड्रम

साहित्य भूषण कमलेश मौर्य मृदु के संचालन में कवि गोष्ठी संपन्न सीतापुर। बिसवां जानकी पुरम लखनऊ में आयोजित कवि गोष्ठी का सफल संचालन करते हुए साहित्य भूषण कमलेश मौर्य मृदु ने सभी का मन मोह लिया।  राष्ट्रीय कवि संगम के राष्ट्रीय मंत्री एवं उत्तर प्रदेश के प्रभारी श्री मृदु ने अपने आशु कवित्व से सभी को चमत्कृत कर दिया।  आध्यात्मिक चित्त-वृत्ति के अध्येष्टा सुनील कुमार श्रीवास्तव के संयोजन, प्रखर वक्ता विष्णु कान्त मिश्र जी की गरिमामयी अध्यक्षता में एक सरस काव्य-गोष्टी सम्पन्न हुई। इससे पूर्व समस्त कवियों का पुष्पहार, अंगवस्त्रम एवं माँ गायत्री का प्रतीक चिह्न देकर संयोजक ने सम्मानित किया। साहित्यिक अनुष्ठान का आरम्भ एक मात्र कवयित्री सुधा सिंह "सुधा''द्वारा माँ शारदे की वाणी वन्दन से हुआ।n तत पश्चात कार्य-क्रम को गति देते हुए वरिष्ठ कवि वेद प्रकाश सिंह "प्रकाश'' ने माँ के कृत्तित्व एवं व्यक्तित्व को प्रत्यक्ष करते हुए अपने छंदों से उपस्थित साहित्यानुरागियों को भाव विभोर कर दिया।  विशेष कर माँ की भूमिका में पढ़ा गया मुक्तक विशेष सराहा गया---प्रतिमा में ही नही समायीं,...
धर्म की राजनीति मानवता के लिए ख़तरनाक?  मनोज मानव इतिहास को अक्सर हम अंग्रेजों या मुगलों के खिलाफ लड़ी गई लड़ाइयों के चश्मे से देखते हैं, लेकिन यह उससे कहीं अधिक हजारों वर्षों से धर्म के नाम पर छिपी बुराइयों और परंपराओं के खिलाफ लड़ी गई कठिन लड़ाइयों का भी दस्तावेज है। इतिहास केवल विजय और पराजय की गाथा नहीं, बल्कि  यह जितना महान है, उतना ही क्रूर भी है, क्योंकि इसमें मानवता के लिए संघर्ष या अन्याय के खिलाफ लड़ाई भी शामिल हैं। हमें इतिहास की महानता की गाथा गाने या जाति पर गर्व करने से बचना चाहिए, क्योंकि ऐसा करना उन धार्मिक बुराइयों और परंपराओं को फिर से जीवित करने का जोखिम पैदा करता है, जिनका स्रोत कुछ हद तक ब्राह्मणवाद रहा है। जब हम इतिहास को गर्व के साथ देखते हैं, तो अनजाने में समानता की लड़ाई को कमजोर करते हैं। बहुजन महापुरुषों ने जो लड़ाइयां लड़ीं और जीतीं, वे फिर से हारी जा सकती हैं, और हम अपने भविष्य को एक बार फिर असमानता की खाई में धकेल सकते हैं। वर्तमान पीढ़ी को आरएसएस की कुचक्र से बचकर, जाति और धर्म के नाम पर गर्व करने या इतिहास की महानता की गाथा गाने में अपनी ऊर्जा बर्...

हिमांशु मोहन ने UPSC में हासिल की सफलता

हिमांशु मोहन ने UPSC में हासिल की सफलता.. समाजवादी पार्टी महिला सभा जिलाध्यक्ष सरोज ने दी बधाई.. अयोध्या। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा 2024 में अयोध्या जनपद के बीकापुर विधानसभा क्षेत्र के कपासी गांव निवासी हिमांशु मोहन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 821वीं रैंक हासिल की है।  द्वितीय प्रयास में ही यह उपलब्धि हासिल की, जिससे पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है। हिमांशु मोहन जो देवनारायण व गायत्री प्रजापति के पुत्र हैं, की इस सफलता पर समाजवादी पार्टी महिला सभा की जिलाध्यक्ष सरोज यादव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने उनके आवास पर पहुंचकर पुष्पगुच्छ भेंट कर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर सरोज यादव ने कहा यह हम सबके लिए गर्व की बात है कि हमारे क्षेत्र के होनहार युवक ने देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता पाई है।  हमारी ओर से हिमांशु मोहन को ढेरों बधाइयां और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं।"  उन्होंने यह भी कहा कि इस सफलता से क्षेत्र के युवाओं को प्रेरणा मिलेगी।  हिमांशु मोहन की सफलता ने न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे गांव और जिले का मान ...

किताब

-मंजुल भारद्वाज  किवदंती ताबीर  वक्त की तस्वीर  अपने सीने में  समाए रहती है किताब  क्रिया, तथ्य, रंग   बेहद करीने से  अपने अंदर छुपाती है किताब  काल का ताप  कालखंड की बेताबी लिए  पाठक के जहन में  बदलाव लिखती है किताब!

पीजीआई क्षेत्र के पास रहने वाले लोग इन दिनों भारी दुर्गंध और गंदगी से परेशान

लखनऊ पीजीआई के पास लाइन सिक्योरिटी कंपनी कर रही है गंदगी.. जोन 8 की जनता परेशान.. नगर निगम और संबंधित अधिकारी इस पर सख्त कदम उठाएंगे..? शिवांश पाण्डेय लखनऊ। पीजीआई क्षेत्र के पास रहने वाले लोग इन दिनों भारी दुर्गंध और गंदगी से परेशान हैं।  जानकारी के अनुसार, लाइन कंपनी द्वारा जोन 8 के अंतर्गत आने वाले पीजीआई क्षेत्र में कूड़े का डंपिंग किया जा रहा है, जिससे इलाके में बदबू फैल रही है और लोगों को सांस लेना तक मुश्किल हो गया है। स्थानीय निवासियों की मानें तो कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। "नगर निगम ने इस कंपनी को लखनऊ को साफ-सुथरा बनाने का काम सौंपा था, लेकिन ये लोग तो शहर को और गंदा कर रहे हैं," एक स्थानीय निवासी ने नाराज़गी जताई। जनप्रतिनिधियों से इस मामले में दखल देने की अपील की गई है। नागरिकों ने मांग की है कि जोन 8 के ज़िम्मेदार अधिकारी मनोज भाई इस मामले को गंभीरता से लेते हुए महापौर के संज्ञान में लाएं और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। लखनऊ को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने की दिशा में इस तरह की लापरवाही चिंताजनक है।

उंगलियों के निशान!

..मेरे पिता अब बूढ़े हो चुके थे और चलते समय दीवार का सहारा लिया करते थे। धीरे-धीरे दीवारों पर उनकी उंगलियों के निशान उभरने लगे—चुपचाप उनकी निर्भरता और कमज़ोरी की कहानी कहने वाले निशान। मेरी पत्नी को यह बिल्कुल पसंद नहीं था। वह अक्सर शिकायत करतीं कि दीवारें गंदी हो रही हैं। एक दिन पिताजी को सिरदर्द था, उन्होंने सिर पर तेल लगाया और चलते हुए दीवार को सहारा दिया, जिससे तेल के दाग भी दीवारों पर लग गए। इस पर पत्नी ने मुझ पर नाराज़गी जताई। मैंने ग़ुस्से में पिताजी को डांट दिया, कठोर शब्दों में कहा कि वो दीवार को न छुएं। पिताजी चुप हो गए। उनकी आँखों में दर्द था। मैं भी शर्मिंदा था, पर कुछ कह नहीं पाया। उस दिन के बाद पिताजी ने दीवार का सहारा लेना छोड़ दिया। एक दिन, संतुलन बिगड़ने से वो गिर पड़े। कूल्हे की हड्डी टूट गई। सर्जरी हुई, लेकिन शरीर ने साथ नहीं दिया… और कुछ ही दिनों में वो हमें छोड़कर चले गए। मेरे दिल में गहरा पछतावा था। मैं उनकी वो नज़रें कभी नहीं भूल पाया—न ही खुद को माफ़ कर पाया। कुछ समय बाद हमने घर पेंट करवाने का सोचा। पेंटर आए तो मेरा बेटा, जो अपने दादाजी से बहुत प्यार करता था, दी...