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Showing posts from December, 2025

नगर निगम का जोन 3 कार्यालय बना कबाड़

प्रमुख संवाददाता लखनऊ स्मार्ट सिटी लखनऊ में पलीता लगा रहा नगर निगम जोन 3 कार्यालय अवैध कब्जे हटाने के नाम पर जब्त किए गए सामान को कबाड़  के रूप में अपने नए कार्यालय में ही कर रहा जमा नगर निगम का जोन 3 कार्यालय बना कबाड़ रेशम की चद्दर में टाट का पैबंद लगा रहे नगर निगम कर्मचारी करोड़ों की लगत से बना है नगर निगम का नया जोन 3 कार्यालय किसी अधिकारी की नजर नहीं पड़ती..!

देवरिया में अखिल भारतीय कुशवाहा महासभा ने निकाला विशाल कैंडल मार्च

वशिष्ठ मौर्य देवरिया। अखिल भारतीय कुशवाहा महासभा, जनपद देवरिया के नेतृत्व में रविवार को शहर में एक विशाल कैंडल मार्च निकाला गया। यह कैंडल मार्च स्वर्गीय छोटे लाल कुशवाहा जी (बुद्ध इंटरमीडिएट कॉलेज, जनपद–कुशीनगर) के प्रधानाचार्य की निर्मम हत्या के विरोध में तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर आयोजित किया गया। कैंडल मार्च शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए सुभाष चौक पर संपन्न हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए और हाथों में मोमबत्तियां लेकर शांति पूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी से कड़ी सजा की मांग की। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक समाज के साथ हो रही घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। अगर समय रहते दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो समाज में असुरक्षा की भावना और बढ़ेगी। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर जल्द न्याय सुनिश्चित करने की अपील की। इस कैंडल मार्च का नेतृत्व जिलाध्यक्ष रामू शरण कुशवाहा ने किया। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय कुशवाहा महासभा पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और जब तक न्याय नहीं मिल...

भाटी माइंस संजय कॉलोनी में समाजसेवी जितेन्द्र कुशवाहा का भव्य स्वागत एवं सम्मान

प्रमुख संवाददाता नई दिल्ली समाजसेवा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय एवं संसार जनकल्याण एक किरण फाउंडेशन के संस्थापक समाजसेवी जितेन्द्र कुशवाहा का उनकी कर्मभूमि भाटी माइंस, संजय कॉलोनी में ग्रामवासियों एवं युवा साथियों द्वारा भव्य स्वागत एवं सम्मान समारोह आयोजित कर अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर पूरे क्षेत्र में हर्ष, उत्साह और गौरव का वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय नागरिकों, वरिष्ठ जनों, युवाओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर जितेन्द्र कुशवाहा को फूल-मालाओं एवं बुके भेंट कर सम्मानित किया। इस सम्मान समारोह में अपर्णा सर्व सेवा समिति के अध्यक्ष अमित कुमार, लाल बहादुर सिंह, अमन पंडित, उपेंद्र कुमार सिंह, दयानंद कुमार, सागर मुद्दई, नानक चंद ,चंदरपाल ओड , मेहरचंद ओड ,सैफल प्रधान, सचिन ओड, देशराज यादव, राम प्रिय ठाकुर, मनोज कुमार, विकास यादव, दिलीप राठौड़, विशाल राठौड़, श्री चंद्र खम्बरा, दिलीप कुमार, सीताराम कुशवाहा, महेंद्र कुशवाहा, सुबोध पंडित एवं अशोक पंडित सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी एवं युवा साथी उपस्थित रहे। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि जितेन्द्र कुशवाहा क...

स्वामी प्रसाद मौर्य : संघर्ष से शिखर तक का सफर, सामाजिक न्याय की राजनीति के मुखर चेहरा

संजय मौर्य लखनऊ। अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य भारतीय राजनीति के उन चुनिंदा नेताओं में शुमार हैं, जिन्होंने जमीनी संघर्ष, सामाजिक न्याय और वैचारिक स्पष्टता के बल पर अपनी अलग पहचान बनाई है। दशकों से सक्रिय राजनीति में रहते हुए उन्होंने सत्ता, संगठन और समाज—तीनों स्तरों पर प्रभावशाली भूमिका निभाई है। सामाजिक पृष्ठभूमि और प्रारंभिक जीवन स्वामी प्रसाद मौर्य का जन्म साधारण परिवार में हुआ। प्रारंभ से ही वे सामाजिक विषमता, वंचित वर्गों के अधिकार और समानता के सवालों को लेकर सजग रहे। छात्र जीवन से राजनीति की ओर रुझान ने उन्हें जनसंघर्षों से जोड़ा, जहां से उनका सार्वजनिक जीवन आकार लेने लगा। राजनीतिक यात्रा स्वामी प्रसाद मौर्य ने विभिन्न राजनीतिक दलों में रहते हुए संगठनात्मक क्षमता और जनाधार का परिचय दिया। उत्तर प्रदेश की राजनीति में वे एक सशक्त ओबीसी नेता के रूप में उभरे। वे कई बार विधायक चुने गए और राज्य सरकार में महत्वपूर्ण विभागों के कैबिनेट मंत्री रहे। मंत्री पद पर रहते हुए उन्होंने शिक्षा, श्रम, सामाजिक कल्याण और पिछ...

सोनभद्र में यीशु जन्मोत्सव सद्भावना रैली, प्रेम-एकता का दिया संदेश

इटरनल ग्रेस चर्च द्वारा भव्य यीशु जन्मोत्सव रैली, सैकड़ों भक्त हुए शामिल क्रिसमस पर सद्भावना की मिसाल: पुसौली में निकली यीशु जन्मोत्सव रैली घृणा पर प्रेम की जीत का संदेश लेकर निकली यीशु जन्मोत्सव सद्भावना रैली प्रमुख संवाददाता सोनभद्र l  विगत वर्षों के जैसे इस वर्ष भी प्रभु यीशु मसीह के पावन जन्मोत्सव के शुभ अवसर पर पुसौली स्थित इटरनल ग्रेस चर्च द्वारा दिनांक 24 दिसंबर 2025 को  यीशु जन्मोत्सव सद्भावना रैली का आयोजन किया गया। रैली का उद्देश्य समाज में प्रेम, एकता और सद्भावना का संदेश फैलाना है। इस वर्ष के आयोजन में जनपद से सैकड़ो की संख्या में यीशु भक्तगणों ने हिस्सा लिया और प्रभु यीशु से प्रार्थना की। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भजन, कीर्तन, तथा प्रवचन और प्रार्थना का भी आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ इटरनल ग्रेस चर्च के पास्टर राजकुमार जोशुआ जी के प्रार्थना के द्वारा हुआ।  पास्टर राजकुमार जी ने बताया कि यीशु मसीह हम सबको पापों से बचाने के लिए आज से 2025 साल पहले इस संसार में जन्म लिए और यीशु मसीह ने समाज के हर वर्ग—गरीबों, पीड़ितों, वंचितों और कमजोरों—के साथ...

अदृश्य दीवारों में क़ैद पुरुष !

मंजुल भारद्वाज  दुनिया के प्रथम पुरुष को एडम और स्त्री को इव माना जाता है। दुनिया के प्रथम पुरुष और स्त्री ने अपने प्रेम से यह दुनिया रची । खूबसूरत अविरल प्रेम की खूबसूरत दुनिया! उनकी संतानों के उनके ख़्वाब को बदल डाला। एडम और इव की संतानों ने स्त्री के लिए अलग और पुरुष के लिए अलग नियम बना डाले ।  स्त्री को दीवारों में सुरक्षित पाया गया और पुरुष के लिए दीवारें असुरक्षित मानी गईं! दरअसल समता को सहेजने की बजाए श्रेष्ठता का संघर्ष हो गया । पुरुष ने अपने वर्चस्व के लिए स्त्री को अपनी जागीर बना लिया।  पुरुष की सत्ता को वैध ठहराने के लिए धर्म का आधार लिया गया। संपति की संकल्पना ने पितृसता की सामाजिक,सांस्कृतिक संरचना का निर्माण किया। मक़सद एक स्त्री को दीवारों के बीच क़ैद करके रखना । स्त्रियों ने संघर्ष किया और दीवारों को तोड़ा... लगातार तोड़ रहीं हैं.. चाहे वो धर्म की दीवार हो, पितृसत्ता की दीवार हो या आज बाजारवाद की दीवार हो ... वो लगातार अपनी मुक्ति के लिए संघर्ष कर रही हैं... अपनी दीवारों से .... पर पुरुष कल भी अपनी अदृश्य दीवारों में क़ैद था और आज भी क़ैद है... पुरुष को अप...

बैकुंठ धाम में बुजुर्गों की सुविधा हेतु सोमवारी महाराज सेवा संस्थान की सराहनीय पहल, 50 कुर्सियों की व्यवस्था

मां गोमती तट पर मानवता की मिसाल, संत सोमवारी महाराज सेवा संस्थान ने किया सेवा कार्य प्रमुख संवाददाता लखनऊ। मां गोमती के पावन तट के समीप स्थित बैकुंठ धाम पर श्रद्धालुओं एवं विशेषकर बुजुर्गों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक सराहनीय सेवा कार्य किया गया। भाई रवि सिंह जी की प्रेरणा से संत सोमवारी महाराज सेवा संस्थान द्वारा बैकुंठ धाम परिसर में 50 कुर्सियों की व्यवस्था कराई गई, जिससे बुजुर्गों और असहाय लोगों को बैठने में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। यह सेवा कार्य न केवल मानवीय संवेदना का परिचायक है, बल्कि समाज के प्रति संस्थान की जिम्मेदारी और सेवा भावना को भी दर्शाता है। संत सोमवारी महाराज सेवा संस्थान द्वारा इस प्रकार के जनकल्याणकारी कार्य समय-समय पर किए जाते रहे हैं, जिससे जरूरतमंदों को प्रत्यक्ष लाभ मिलता है। इस पुनीत प्रयास के लिए सारथी मनोजगत की ओर से संत सोमवारी महाराज सेवा संस्थान एवं भाई रवि सिंह जी के प्रति तहे दिल से आभार एवं कृतज्ञता व्यक्त की गई। उपस्थित श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया। इस प्रकार ...

युवाओं के सामाजिक मूल्यों का मूल्यांकन आज की सबसे बड़ी आवश्यकता : जितेन्द्र कुशवाहा

प्रमुख संवाददाता नई दिल्ली। समाजसेवी एवं संसार जनकल्याण एक किरण फाउंडेशन के संस्थापक जितेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं के सामाजिक मूल्यों का मूल्यांकन करना अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की रीढ़ होते हैं और यदि उनके भीतर नैतिकता, जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और समाज के प्रति कर्तव्यबोध मजबूत होगा, तभी एक सशक्त और समरस समाज का निर्माण संभव है। एक सामाजिक कार्यक्रम के दौरान युवाओं के बीच अपने विचार रखते हुए जितेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि आज का युवा वर्ग तकनीक, सोशल मीडिया और आधुनिक संसाधनों से तो जुड़ा हुआ है, लेकिन कई बार सामाजिक मूल्यों से दूरी बनाता नजर आता है। ऐसे में परिवार, शिक्षा संस्थानों और सामाजिक संगठनों की सामूहिक जिम्मेदारी है कि वे युवाओं को संस्कार, सेवा, अनुशासन और सामाजिक सहभागिता से जोड़ें। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित न रहकर चरित्र निर्माण का मजबूत आधार बने। कार्यक्रम के दौरान समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य व्यक्तियों द्वारा जितेन्द्र कुशवाहा को पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया गया। सम्मान करने वालो...

होठों पर सच्चाई कब थी?

मंजुल भारद्वाज  होठों पर सच्चाई कब थी? पूरब वालों को इंसान की  कद्र कब थी? जहां जन्म सबकी  तक़दीर तय करता हो जहां वर्णवाद रग रग में बसा हो जहां छुआछूत  समाज का संस्कार हो धर्मांधता खून में दौड़ती हो जहां वर्णवादी क्रूरता  मनुष्य को मनुष्य नहीं समझती हो वो पूरब वाले इंसान की  क़ीमत जानते हैं? गंगा कब पावन थी ? गंगा स्नान से किसके पाप धुले? वर्णवादी कारबार  धर्मांधता पाप - पुण्य स्वर्ग - नरक की  अंधी गह्वर है गंगा ! सदियों से गुरबत में लोग मर रहे हों दाने दाने को मोहताज़ बच्चे हों बलात्कार की चीख  आसमान का कलेजा चीरती हो वो पूरब कब से इंसान और स्वाभिमान का ख़ैर-ख़्वाह है ? कवि जब सच के बजाए झूठ लिखे  उसका व्यापार करे  तब बदलाव मर जाता है !

चिकित्सा के क्षेत्र में अनोखी पहल सेवा और स्वास्थ्य का नया आयाम

Healing Hand Multispeciality Clinic प्रमुख संवाददाता लखनऊ / नई दिल्ली स्वास्थ्य सेवा केवल उपचार का माध्यम नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना, विश्वास और सेवा भाव का संगम है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए Healing Hand Multispeciality Clinic की स्थापना की गई है, जहाँ चिकित्सा सुविधा के साथ स्वस्थ समाज के निर्माण का संकल्प भी शामिल है। आधुनिक तकनीक, अनुभवी चिकित्सक और मानवीय दृष्टिकोण—ये तीनों इस पहल की आधारशिला हैं। इस अभियान में जितेन्द्र कुशवाहा "चिकित्सा के साथ सेवा" की भावना को केंद्र में रखते हुए समाज के हर वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा पहुँचाने के प्रयास में जुटे हुए हैं। उनका मानना है कि चिकित्सा तभी सफल है जब सेवा के साथ जुड़ी हो। वहीं डॉ. बिभु आनंद “चिकित्सा के साथ समर्पण” की भावना से कार्य करते हुए रोगियों को उच्च गुणवत्ता का उपचार प्रदान करने के लिए तत्पर हैं। उनकी विशेषज्ञता क्लिनिक को एक विश्वसनीय स्वास्थ्य केंद्र के रूप में स्थापित करती है। इसके साथ डॉ. अविनाश कुमार मंडेला का अनुभव और संवेदनशील दृष्टिकोण क्लिनिक की सेवाओं को और अधिक व्यापक और प्रभावी बनाता है। उनका ल...

शैक्षिक जागरूकता की दिशा में बड़ा कदम: क्विज़ प्रतियोगिता में बच्चों ने दिखाया प्रतिभा का दम

नई दिल्ली नंदलाल बस्ती, मुखर्जी नगर में शैक्षिक जागरूकता की दिशा में बड़ा कदम: क्विज़ प्रतियोगिता में बच्चों ने दिखाया प्रतिभा का दम लगनी देवी मेमोरियल फाउंडेशन एवं अमृतुल्य फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में नंदलाल बस्ती, मुखर्जी नगर में आज क्विज़ प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सहयोगी संस्था के रूप में अपर्णा सर्व सेवा समिति एवं संसार जनकल्याण एक किरण फाउंडेशन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रतियोगिता में बच्चों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए भाटी माइंस का नाम गर्व से रोशन किया। प्रथम स्थान (वेद & नासरीन )अमृतुल्य फाउंडेशन के प्रतिभागी ने प्राप्त किया, द्वितीय स्थान (ऋषव & स्नेहा)अपर्णा सर्व सेवा समिति के प्रतिभागी ने प्राप्त किया, तथा तृतीय स्थान ( गुरदीप& चांदनी) संसार जनकल्याण एक किरण फाउंडेशन के प्रतिभागी ने हासिल किया। विजेता प्रतिभागियों को मेडल, प्रमाणपत्र तथा पुस्तकें भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में समाज के अनेक बुद्धिजीवी, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता एवं युवा प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और बच्चों का उत्साहवर्धन किया। अपर्णा सर्व ...

सवाल बदलता है!

मंजुल भारद्वाज  देश घटना या तारीख से नहीं सवाल से बदलता है ! जब समझदार,शिक्षित समाज सत्ता सेवा में लगी बुद्धि एक साथ भ्रमित होती है  तब विनाश निश्चित होता है ! तर्क जब भीड़ से हारता है  भविष्य की चमक  वर्तमान के सत्य को ढक ले तब विनाश निश्चित है! लोभ,भय,उम्मीद की सामूहिक भ्रम की स्थिति  वर्तमान के सवालों को  गायब कर दें  दर्शन मौन धारण कर ले तब विनाश निश्चित है! जब सरकार,संसद,दरबार प्रेस और भक्त सब मिलकर  किसी मूर्खता को  राष्ट्रीय अवसर घोषित करते हैं जो सवाल उठाए  उसे देशद्रोही करार दिया जाए सवाल पूछना सामाजिक अपराध बन जाए  तब विनाश निश्चित है! विवेक,नियम,तर्क को छोड़ शिक्षित समाज जब सम्मोहित हो व्यक्ति पूजा में जुट जाएं  देखते देखते गणपति दूध पीने लगे तब विनाश निश्चित है! रोजगार,अवसर,गरिमा, सर्वधर्म समभाव समाज से गायब कर दिया जाए बहुमत को बहुलतावाद  बना दिया जाए जीवन सम्मान मुफ्त के दाने दाने पर मोहताज़ हो जाए  वोट को खरीद लिया जाए तब विनाश निश्चित है!

दर्शक की आंखों में भ्रम नहीं

थियेटर ऑफ़ रेलेवंस की कलात्मक साधना ! मंजुल भारद्वाज  थियेटर ऑफ़ रेलेवंस  नाटक नहीं दर्शकों के सामने  काल को रख  समय को खोल देते हैं! तब संगम होता है  काल,चेतना,सौंदर्यबोध का जो मथता है जड़ता को आकार देता है काल को रचता है चैतन्य पूर्ण समय जिस पर लिखा होता है  कलात्मक परिवर्तन ! काल तारीखों में नहीं बदलता वो दर्शकों के भीतर बदलता है  बिना चकाचौंध के  लाग लपेट के  दर्शक और कलाकार  दोनों एक कालखंड को जीते हैं  आंखों से होते हुए मंच पर नहीं दर्शकों के मस्तिष्क पर मंचित होता है  थियेटर ऑफ़ रेलेवंस का नाटक ! नाटक का एक एक दृश्य धूप छांव सा अपनी छाप छोड़ते हुए एक चेतनात्मक लौ से जगमगाता है दर्शक का चैतन्य जो भाव को साधते हुए  नाउम्मीद में उम्मीद का दीया जलाता है। दर्शक उस दिये की रोशनी में  चलता है जड़ता को तोड़ते हुए यही कला का विद्रोह है  जो सृजित करता है नया काल  बिना हिंसा ,अराजकता के  व्यवस्था को बदलते हुए! थियेटर ऑफ़ रेलेवंस का लेखन ढर्रे का  लेखन नहीं होता यहां लेखक असमंजस के झूले में नहीं झूलता ...

सामाजिक मूल्यों के धरोहर बाबा साहेब अम्बेडकर को पुण्यतिथि पर दी गई श्रद्धांजलि

समाजसेवी जितेन्द्र कुशवाहा, संस्थापक: संसार जनकल्याण एक किरण फाउंडेशन नई दिल्ली। भारत के संविधान निर्माता और सामाजिक न्याय के पुरोधा भारतरत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की पुण्यतिथि पर समाजसेवी जितेन्द्र कुशवाहा, संस्थापक संसार जनकल्याण एक किरण फाउंडेशन, ने गहरी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें सामाजिक मूल्यों का सबसे बड़ा धरोहर बताया। जितेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन संघर्ष, शिक्षा और समानता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि अम्बेडकर का मंत्र—“शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो”—आज भी समाज को नई दिशा देता है। उनका मानना है कि यदि प्रत्येक युवा इस मंत्र को अपनाए तो समाज में जागरूकता, प्रगति और सामाजिक एकता स्वाभाविक रूप से बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने ऐसा भारत बनाने का सपना देखा था जहाँ हर नागरिक को समान अधिकार, न्याय, गरिमा और अवसर मिले। संविधान निर्माण में उनका योगदान भारतीय लोकतंत्र को मजबूत आधार प्रदान करता है और उनकी विचारधारा आज भी सामाजिक सुधार की सबसे बड़ी प्रेरणा है। जितेन्द्र कुशवाहा ने बताया कि उनका संगठन संसार जनकल्याण एक किरण फाउंडेशन बाबा साह...

एक पेड़ की खोज ...

मंजुल भारद्वाज  एक बार एक बहुत बड़े नेता थे । जिन्होंने साम को छोड़ दाम,दंड और भेद से लोकतंत्र को तबाह करते हुए सत्ता पर अपनी अभेद्य पकड़ बना ली थी  । उनकी एक दस साल की  बेटी थी जिसको उन्होंने दुनिया की हर वस्तु खरीद कर दी थी । नौकर चाकर , टीवी, कंप्यूटर, महंगे खिलौनों से महलनुमा घर भरा हुआ था । नेता जी अपनी बेटी को बहुत प्यार करते थे । बेटी टीवी देख देख कर बोर हो गई । पापा यानी नेता जी से बोली , पापा टीवी बकवास हो गया है। सब जगह लड़ाई , मारा,मारी खून खराबा है।  पापा : अरे बेटी बच्चों के चैनल देखो । बेटी ने तपाक से कहा , पापा मैं उन्हीं चैनलों की बात कर रही हूं । कहीं भी पेड़,जंगल, हवा की बात नहीं होती । सब जगह मारा मारी ! नेता ने बेटी को पुचकारते हुए पूछा , तो क्या बुद्ध बनोगी! बेटी ने कहा , बुद्ध मतलब ? नेता ने बुद्ध की पूरी कथा बेटी को सुनाई । बेटी ने कहा , पापा मुझे ऐसा पेड़ दिखाओ जिसके नीचे बैठकर बुद्ध जैसे तपस्या की जा सके । बस इतनी सी बात है। नेता ने पुत्री को आश्वस्त करते हुए कहा । एक पेड़ ! अरे बेटी हज़ारों पेड़ हाज़िर हैं आपके लिए। अपने नौकरों को हिदायत दी ...

पंछियों का संकल्प !

मंजुल भारद्वाज  दो पंछियों को भूख लगी थी । वो उड़ते उड़ते एक पेड़ पर जा बैठे । पेड़ फलों से लदा हुआ था । उसके फलों की खुश्बू हवा को महका रही थी । पंछियों ने एक दूसरे से कहा, वाह क्या खुशबू है, आज इन्हीं फलों को चखते हैं। अरे मज़ा आ गया । मैंने तो पेट भरकर फ़ल खाए। दूसरे पंछी ने कहा मैंने भी ।  दोनों पंछी थोड़ा उदास हो गए । एक बोला , अरे यह पेड़ हमारे घोंसले से बहुत दूर है। दूसरे पंछी ने कहा , हम्मम! दोनों ने एक युक्ति निकाली। हम अपनी चोंच में इन फलों के बीज ले चलते हैं और उनको अपने घोंसले के आस पास जो खाली जगह हैं उसमें डाल देंगे। ठीक है दोनों ने प्रसन्नता पूर्वक एक दूसरे को प्यार करते हुए कहा। दोनों पंछियों ने अपने बच्चों को भी यह बात सिखाई । पंछियों ने दूर दूर उड़ान भर कर अच्छे , मीठे, फलों के बीजों को अपने घोंसलों के आसपास गिरा दिया । धीरे धीरे वहां समय बीतता गया और मीठे हवादार और छायादार पेड़ों का जंगल उग आया । इन पेड़ों पर हज़ारों पंछी चहचहाते हुए रहते थे । पास से एक नदी भी बहती थी । धीरे धीरे इंसान भी इस जंगल में आने लगे । नदी में स्नान करते और पेड़ों की छाया में आराम कर ...