फिल्म साकेत नगरी अयोध्या ने दिखाइए प्राचीन भारत के चमत्कार गौरवशाली उपलब्धियां एवं महापुरुषों की झलकियां
रवि मौर्य
अयोध्या। फिल्म साकेत नगरी अयोध्या फिल्म का अवलोकन अयोध्या के राम जन्मभूमि कार्यशाला स्थित सभागार में विश्व हिंदू परिषद के सहयोग से मीडिया बांधों एवं विशिष्ट लोगों को कराया गया फिल्म में प्राचीन काल के भारत की गरिमा गौरव समृद्धि और बेहतर भारत के पराक्रम को इस फिल्म में दिखाया गया है भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या नगरी के वैभव को दिखाकर मध्यकाल में मुगलों तुर्कों और मंगलौर के हमले में भारतीय संस्कृत पर प्रभाव अत्याचार और मंदिरों के विध्वंस को दिखाया गया है इस फिल्म में प्राचीन भारत के चमत्कार गौरवशाली उपलब्धियां एवं महापुरुषों की झलकियां दिखाई गई है विदेशियों की अत्याचार के बाद भारतवासी के संघर्ष आजादी की लड़ाई और राम मंदिर अयोध्या की आंदोलन एवं अदालती लड़ाई को दिखाया गया है मंदिर के निर्माण के साथ ही वर्तमान भारत की विभिन्न क्षेत्रों में की गई प्रगति को भी दिखाया गया है फिल्म में यूपी के कलाकारों को प्राथमिकता दी गई कानपुर के अनु अवस्थी के अलावा मुंबई के कई चर्चित कलाकारों ने भी इस में काम किया है कहानी डॉक्टर सूर्य कुमार पूर्व डीजीपी ने लिखा है शूटिंग अयोध्या,बाराबंकी और लखनऊ में हुई है निर्माण अपेक्स स्टूडियो लखनऊ एवं मुंबई में हुआ कई वरिष्ठ अधिकारियों निदेशक एवं आईजी पुलिस ने भी रोल किया है फिल्म की स्वीकृति फिल्म बंधु उत्तर प्रदेश के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दी हैऔर बृजेश पाठक उपमुख्यमंत्री ने शुभारंभ कराया है फिल्म का लक्ष्य भारतीय जीवन की उदारता महानता एवं सिहोराता का प्रचार प्रसार करना है और भारतीयों के आत्म गौरव को बढ़ाना है देवराहा बाबा नीम करोली बाबा भगवान कृष्ण श्री राम एवं परशुराम के चमत्कारों को भी स्थान दिया गया है साथ ही अंग्रेजों के अत्याचार और रंजीत सिंह वीर शिवाजी एवं महाराणा प्रताप के पराक्रम को दिखाकर भारतीयों को प्रोत्साहित भी किया गया है
फिल्म में भारत के महापुरुषों राजाओं की बहादुरी और गौरव का वर्णन भी शामिल है ।
फिल्म में तुर्कों और मुगलों द्वारा भारतीय संस्कृति और मंदिरों को तोड़ने की घटनाओं को दिखाकर यह भी दिखाया गया है कि किन अत्याचारियों को क्या-क्या सब लगा और क्या-क्या कष्ट भोगना पड़ा हिंदुओं और राम भक्तों द्वारा समय-समय पर जो संघर्ष राम मंदिर के लिए किए गए उनका भी चित्रण विस्तार से किया गया नवाबों के समय में क्या-क्या अय्याशी और फिजूल खर्ची की जाती थी उसको भी दिखाकर भारत में अंग्रेजों के अत्याचार को भी दिखाया गया भारत की आजादी की लड़ाई की झलकियां दिखाकर संस्कृत एक एवं आर्थिक प्रगति दिखाकर विश्व गुरु बनाने की ओर बढ़ते भारत को भी दिखाया गया है। यह फिल्म 25 जनवरी रिलीज होने की संभावना है।फिल्म में संगीत कुमार संगीत ने दिया है और गाना आनंद ओझा एवं रणधीर द्विवेदी ने लिखे हैं अटल कविता अटल जी कविता तिवारी एवं प्रज्ञा सिंह की कविताओं को भी स्थान दिया गया है फिल्म के निर्माण वैदेही शरण जी के मार्गदर्शन में एवं महत्व भरत दास, जीडी मिश्रा, रमेश मिश्रा का विशेष सहयोग रहा है।

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