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पगड़ी बांध कर छात्रों को हाफ़िज़ की पदवी दी गई


ज्ञान वापी मस्जिद के इमाम ने जामिया हुसैनिया से हिफ्ज ए कुरान पूर्ण करने वाले छात्रों के सिरों पर पगड़ी बांधी।

RAVI Maurya 

अयोध्या । जामिया हुसैनिया मोहल्ला बछड़ा में सैंकड़ों लोगों की उपस्थिति में हिफ्ज कुरान की शिक्षा पूर्ण करने वाले पांच छात्रों को बनारस की ज्ञान वापी मस्जिद के वक्ता और इमाम मुफ्ती अब्दुल बातिन के शुभ हाथों से उनके सिरों पर पगड़ी बांध कर छात्रों को हाफ़िज़ की पदवी दी गई। 

इस अवसर पर शानदार समारोह का आयोजन जामिया के संस्थापक व प्रबंधक कारी इरफान अहमद हलीमी की अध्यक्षता में हुआ जिसका संचालन मुफ्ती मोहम्मद जिया उद्दीन कासमी ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ हाफिज बशीर सुबहान ने कुरान पाक की आयतों को पढ़ कर किया। 

मुख्य अतिथि के तौर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मौलाना अहमद सिराज उमरी ने कहा कि हाफिज बनना सौभाग्य की बात है हाफ़िज़ पर अल्लाह की खास रहमत होती है समाज को सही दिशा में लेकर चलने के क़ाबिल माना जाता है। 

बनारस की ज्ञान वापी मस्जिद के खतीब व इमाम मुफ्ती अब्दुल बासित ने कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर संबोधित करते हुए कहा कि अल्लाह पाक ने कुरान में कहा कि ऐ मुसलमानों तुम पर अगर कोई मुसीबत आए तो कतई घबराए नहीं बल्कि उस मुसीबत का डट कर मुकाबला करो और सब्र का दामन मजबूती से पकड़े रहना। जो ऐसा करेगा यक़ीनन अल्लाह की मदद आएगी। और हालात खुशगवार होंगे। शर्त है कि सच्चाई पर साबित क़दम रहो और अल्लाह पर पक्का भरोसा रखो। इससे पूर्व मदरसा जामिया अरबिया हुसैनिया बछड़ा के छात्रों अर्बी उर्दू फारसी हिन्दी और अंग्रेजी में कई कार्यक्रम पेश किया जिससे प्रभावित होकर कार्यक्रम में शामिल लोगों ने छात्रों ढेरों पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

कार्यक्रम को मुफ्ती इमरान अहमद कासमी, मुफ्ती अफजाल अहमद कासमी, मुफ्ती जिया उद्दीन कासमी, कारी इरफान अहमद हलीमी, मौलाना अब्दुल मन्नान, मौलाना सलमान, मौलाना अब्दुल कय्यूम, मौलाना जहीर अब्बास, मुफ्ती फुरकान, मौलाना अहमद आरिफ हस्सान कासमी, और मौलाना मुजाहिद उल इस्लाम कासमी, आदि ने संबोधित किया। कारी अब्दुल बातिन फैजी, कारी नदीम फैजी और हाफिज बासित गोंडवी ने नातिया कलाम सुनाया। 

कार्यक्रम में हाफिज जावेद बस्तवी, हाफिज जिया उल हक़ अफ्फान, अब्दुल मतीन, हाफ़िज़ अब्दुल वफ़ा, हाफिज सुब्हान, हाफिज फाजिल, जावेद बहराइची, हाजी मोहम्मद अनीस, फुरकान भाई, और मास्टर मोहम्मद आमिर सहित अन्य सैंकड़ों लोगों ने भाग लिया। इसकी जानकारी कार्यक्रम के विशेष सदस्य मास्टर इरशाद रब्बानी ने दी है।

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