- तीनों बहनों ने यूपी पुलिस की सिपाही भर्ती में चयनित होकर जिले का नाम किया रोशन..
- वर्ष 2017 में पिता की बीमारी से मौत के बाद बेटियों ने हिम्मत नहीं हारी..
प्रकाश शुक्ला
उन्नाव. कई लोग ऐसे हैं जो जीवन की छोटी मुश्किलों को अपने तरक्की की बड़ी बाधा मान लेते हैं। हालांकि, बहुत से लोग ऐसे हैं जो बड़ी बाधाओं के सामने भी हार नहीं मानते और मजबूत हौसले और इरादे से तरक्की करते जाते हैं। इसकी मिशाल तीन बहनों ने पेश की है।
जिले के हसनगंज तहसील के गांव सुंदरपुर पोस्ट चांदपुर झलिहाई की अनुसूचित जाति की कल्पना 25 वर्ष ने अपने पिता रवींद्र कुमार की 2017 में बीमारी से मृत्यु के बाद हिम्मत नहीं हारी और पिता की जगह मृतक आश्रित में वर्ष 2018 अक्टूबर में होमगार्ड की नौकरी करके अपनी 2 बहनों और माता राजकुमारी और छोटे भाई को उन्नाव लाकर किराए का कमरा लेकर रहने लगी। इसके साथ दिन में ड्यूटी और रात में कल्पना ने खुद और अपनी छोटी दोनों बहनों अर्चना 23 वर्ष और सुलोचना 21 वर्ष को पढ़ाकर कठिन परिश्रम करके सिपाही भर्ती परीक्षा उत्तीर्ण करके तीन बहनों ने एक साथ यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा में सफलता हासिल कर गांव और घर का नाम रोशन किया है।
उनकी सफलता के पीछे उनकी माता राजकुमारी का भी बड़ा त्याग है है जिन्होंने पति की मौत के बाद हिम्मत नहीं हारी और बड़ी बेटी कल्पना के मजबूत इरादों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कठिन हालातों से डटकर बेटियों को पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
माता राजकुमारी ने आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किए। उनकी आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी, लेकिन उन्होंने बेटियों की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में कोई कमी नहीं आने दी। जिसमें बड़ी बेटी कल्पना ने अपनी मां का भरपूर साथ दिया। जिसके कारण आज उनके साथ उनकी 2 बहनों ने यूपी पुलिस की सिपाही भर्ती परीक्षा उत्तीर्ण की है।
माता राजकुमारी के इस संघर्ष और बलिदान को तीनों बहनों ने बेकार नहीं जाने दिया।उन्होंने पूरी मेहनत और लगन से तैयारी की और एक साथ परीक्षा पास कर यूपी पुलिस में सिपाही पद पर चयनित हो गई।यह खबर पूरे परिवार और गांव और जिले के लिए गर्व का क्षण बन गई।तीनों बहनों के चयन की खबर मिलने के बाद से गांव में उत्सव का माहौल है।परिवार के लोग, रिश्तेदार और गांव के निवासी उन्हें बधाई दे रहे हैं।

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