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स्वच्छता की आड़ में खेल, गंदगी गई नहीं ?

  • स्वच्छता अभियान में 'गंदगी': LSA में नशे, हुड़दंग और दबंगई का खेल!
  • स्वच्छता की आड़ में खेल, गंदगी गई नहीं… अनुपम मिश्रा जरूर गए!
लखनऊ। जिस संस्था को शहर को स्वच्छ और साफ-सुथरा रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, वही अब अपने कारनामों से शहर की छवि धूमिल कर रही है। लखनऊ स्वच्छता अभियान प्राइवेट लिमिटेड (LSA) में अनियमितताओं, दबंगई और गैर-जिम्मेदाराना हरकतों की नई परतें खुल रही हैं। ताजा विवादों में नशे में धुत अधिकारियों का डांस, गाड़ियों पर शराब पार्टी और नगर निगम के आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने की घटनाएं शामिल हैं।

ड्यूटी टाइम पर हुड़दंग: स्वच्छता की गाड़ी बनी नशे का मंच!

दयाल चौराहे पर स्वच्छता अभियान की गाड़ी पर शराब और म्यूजिक के साथ झूमते LSA कर्मचारियों का वीडियो वायरल होते ही बवाल मच गया। महापौर और नगर आयुक्त के आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए कलस्टर हेड श्रीनिवास, जो खुद को कंपनी के मालिक का रिश्तेदार बताते हैं, जोनल हेड दीपक प्रधान और कुछ सुपरवाइजर खुलेआम नशे में धुत होकर हुड़दंग मचाते दिखे। यह शर्मनाक हरकत तब हो रही थी, जब शहर स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान के तहत अपनी रैंकिंग सुधारने की कोशिश कर रहा है।

जोन 4 का जोनल इंचार्ज और क्लस्टर हेड : ड्यूटी छोड़ ‘नृत्य’ सेवा में व्यस्त!

एक और वीडियो ने LSA की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जोन 4 के जोनल इंचार्ज और क्लस्टर हेड का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वे नशे में धुत होकर नाचते दिख रहे हैं। जनता की गाढ़ी कमाई से मिलने वाले वेतन का ऐसा ‘उत्सव’ देखकर नगर निगम और कंपनी दोनों ही कटघरे में खड़े हो गए हैं। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इस जोनल इंचार्ज को तत्काल बर्खास्त कर दिया गया पर क्लस्टर हेड श्रीनिवास पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। कारण? वे रामकी कंपनी के बड़े अधिकारियों के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं! यानी नियम-कायदे सिर्फ आम कर्मचारियों के लिए हैं, बड़े लोगों पर कोई आंच नहीं!

अनुपम मिश्रा का तबादला और ‘बिल कांड’ की किरकिरी

इस बीच, लखनऊ हेड अनुपम मिश्रा को अचानक पद से हटा दिया गया। सूत्रों की मानें तो  नशे का हुड़दंग या  जोन 7 के एक बिल को लेकर LSA की जबरदस्त किरकिरी हुई इन्हीं दो कारण हो सकते है जिसके चलते यह कार्रवाई की गई। हालांकि, अंदरखाने की खबरें कुछ और ही कह रही हैं। सवाल यह भी उठता है कि क्या अनुपम मिश्रा ही इस अव्यवस्था के असली गुनहगार थे, या फिर कोई और खेल चल रहा है?

LSA पर पार्षदों का गुस्सा, लेकिन ‘सरपरस्त’ कौन?

लखनऊ के पार्षद शुरू से ही LSA का विरोध करते आ रहे हैं। उनका आरोप है कि यह कंपनी काम कम और कारनामे ज्यादा कर रही है। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर इस कंपनी पर किसका वरदहस्त है? कौन इसके पीछे है, जो हर गड़बड़ी के बावजूद यह कंपनी बेखौफ चल रही है?

अब देखना दिलचस्प होगा कि इस ‘स्वच्छता अभियान’ में कितनी सफाई होती है, या फिर यह गंदगी और गहराती चली जाएगी!

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