लखनऊ। आज संत सोमवारी महाराज सेवा संस्थान का हृदय से आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने श्री एस.एन. सिंह एडवोकेट (अध्यक्ष) के नेतृत्व में बैकुंठधाम में 50 पेटी पानी की बोतलें भेजकर सेवा भाव का परिचय दिया। आपका यह निःस्वार्थ सहयोग न केवल समाज के प्रति आपकी समर्पित भावना को दर्शाता है, बल्कि यह भी सिद्ध करता है कि मानवीय सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। बैकुंठधाम में आने वाले लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के इस प्रयास के लिए हम आपके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। आपके इस पुण्य कार्य के लिए हम हृदय से धन्यवाद एवं शुभकामनाएँ प्रेषित करते हैं। ईश्वर आपको सदैव इसी प्रकार समाजसेवा करने की शक्ति प्रदान करें।
रविंद्र प्रताप सिंह (रवि): वो शख्स जिसने मृत्यु के सन्नाटे में मानवता की आवाज़ बनकर 3800 शवों को दिया सम्मान
शमशान बना आशियाना, मोह माया से मुक्त मृत शरीरों में दिखा भगवान - रवि सिंह संवाददाता, लखनऊ l जब दुनिया ने अपने दरवाज़े बंद कर लिए थे, अपनों ने भी अपनों से मुँह फेर लिया था, अस्पतालों में साँसे रुक रही थीं और शमशान घाटों में चिताएं लगातार जल रही थीं — उस भयावह मंजर में एक चेहरा ऐसा भी था, जो लोगों को जीवन में नहीं परंतु मृत्यु के बाद सम्मान दे रहा था। नाम है रविंद्र प्रताप सिंह उर्फ रवि, जो न सिर्फ एक कर्मठ कर्मचारी हैं, बल्कि मानवता के सबसे कठिन इम्तहान में खरे उतरने वाले सच्चे योद्धा हैं। शमशान घाट बना तपोस्थली साल 2021, अप्रैल का महीना... लखनऊ का बैकुंठ धाम शवदाह गृह देश के सबसे व्यस्त शमशान घाटों में बदल चुका था। चिताओं की आग बुझने का नाम नहीं ले रही थी। उस दौरान जब अधिकांश कर्मचारी भय से दूर हो गए, रवि ने पीछे नहीं देखा। उन्होंने 8 अप्रैल से 8 जून 2021 तक दो माह तक शमशान में ही रहकर — 3800 से अधिक शवों का अंतिम संस्कार किया। यह सिर्फ आँकड़ा नहीं, हर एक शरीर के पीछे एक टूटता हुआ परिवार, एक आखिरी विदाई की पीड़ा, और रवि जैसे एक संवेदनशील हाथों की गरिमा थी। उनका कहना है — “मैंने मृत शरी...

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