हेमन्त कुशवाहा, मेरठ
सामान्य महिलाओं की अपेक्षा कुछ विशेष प्रकार की चरित्र हीन विवाहिता महिलाओं की 'रति लिप्सा' इस कदर हावी होती है जो अपने जीवन साथी की हत्या करने व कराने में कोई कसर नहीं छोड़ती हैं फिर बाद में अंजाम चाहे कुछ भी हो.....
विदित रहे कि अगर कोई महिला अपने बनावटी आँसूओ के साथ पूरे झूठ पर उतर आये तो वह बड़े से बड़े तीस मार खां को भी भ्रमित कर सकती है और अगर वह विवाहिता होने के बाद भी किसी पर-पुरुष से अपने शारीरिक संबंध बनाने की इच्छा रखती है और उसे बराबर बनाये रखती है जिसका पता लगने पर वह सबसे पहले अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने जीवन साथी की हत्या की योजना बनाकर उसको पूरा अंजाम देती है (प्रमाणिक घटनाओं के आधार पर) जिसमें ऐसी सरीखे महिलाएं अपने इस कारित अपराध में आज तक पूर्ण अंकों यानि 100 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण /सफल होती आयी हैं जो उनकी चरम रति लिप्सा यानि कामुकता की एक जघन्य परिणति होती है बेशक उसके बाद उनका अंजाम कुछ भी हुआ हो।
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