लेखराम मौर्य
लखनऊ । राजधानी लखनऊ के जिलाधिकारी रहे अभिषेक प्रकाश को निलंबित कर दिया गया है। अभिषेक प्रकाश के खिलाफ लखनऊ डिफेंस एक्सपो जमीन घोटाले में भ्रष्टाचार और फर्जी दस्तावेजों से मुआवजा देने के आरोप सामने आए थे। भटगांव में डिफेंस कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण में मुआवजे के नाम पर अनियमितताओं का आरोप लगा था। भारत सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए लखनऊ में सरोजिनीनगर तहसील के भटगांव क्षेत्र में जमीन का अधिग्रहण इसी का हिस्सा था। अधिग्रहण और मुआवजे में घोटाले का आरोप लगने पर हुई जांच में पता चला कि 20 करोड़ रुपये का मुआवजा अधिकारियों ने अवैध तरीके से हासिल किया था। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार यह मुआवजा उन किसानों और जमीन मालिकों को दिया जाना था, जिनकी भूमि अधिग्रहीत की गई थी, लेकिन इसकी जगह अफसरों ने गड़बड़ी करके खुद मुआवजे की रकम हड़प ली।
इसी मुआवजे को लेकर लखनऊ के तत्कालीन डीएम अभिषेक प्रकाश की भूमिका पर सवाल उठे। जांच में सामने आया कि उनके करीबी अधिकारी, तहसीलदार और कानूनगो इस घोटाले में प्रमुख भूमिका निभा रहे थे। सरोजिनीनगर के कानूनगो पर आरोप है कि उसने इस पूरी साजिश को अंजाम दिया और मुआवजे की राशि हड़प ली। । राजस्व परिषद के चेयरमैन की अगुवाई में इस मामले की जांच की गई। इसमें पाया गया कि जमीन के अधिग्रहण में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं। अभिषेक प्रकाश की जिम्मेदारी थी कि वह इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी करते, लेकिन उन्होंने अनदेखी की या फिर जानबूझकर इस भ्रष्टाचार में संलिप्त रहे।

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