अखंड भारत के निर्माता, सम्राट अशोक भारतीय इतिहास के सबसे महान शासकों में से एक थे, जिन्होंने न केवल एक विशाल और शक्तिशाली साम्राज्य की स्थापना की बल्कि अहिंसा, धम्म और न्याय पर आधारित शासन प्रणाली को भी अपनाया। उनके प्रयासों से बौद्ध धर्म भारत से निकलकर पूरी दुनिया में फैला और आज भी उनकी शिक्षाएँ प्रासंगिक बनी हुई हैं।
जिस राजा के अशोक चक्र को हम अपने राष्ट्रीय ध्वज पर लगाते हैं, जिस राजा के चार सिंह मुख चिन्ह को हम अपनी राष्ट्रीय मुद्रा मानते हैं, उनकी जयंती पर अवकाश की माँग निश्चित रूप से विचारणीय है, क्योंकि यह न केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व का सम्मान होगा, बल्कि युवाओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेने का अवसर भी मिलेगा। यह देश के गौरवशाली अतीत को याद करने और उससे सीखने का दिन बन सकता है।

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