शिवांश पाण्डेय
लखनऊ राजधानी से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। नगर निगम में 30 करोड़ रुपये के कथित घोटाले का मामला उजागर हुआ है।
सूत्रों के अनुसार, वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन बैक डेट में बजट की बड़ी राशि को स्वीकृति दी गई। निर्माण कार्यों के नाम पर 30 करोड़ रुपये की फाइल को मंजूरी देने की कोशिश की गई थी, लेकिन नगर आयुक्त ने समय रहते इस पर रोक लगाते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं।
मुख्य बिंदु:-
- 30 करोड़ रुपये की राशि को फाइनेंसियल ईयर के अंतिम दिन स्वीकृत किया गया..
- ई-फाइलिंग व्यवस्था होने के बावजूद मैनुअल तरीके से फाइल पास करने की कोशिश!
- नगर आयुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए फाइल पर रोक लगाई और जांच शुरू कर दी..
- चीफ इंजीनियर से नाराज हैं नगर आयुक्त..
- मैनुअल प्रक्रिया पर जताई आशंका..
नगर निगम में पारदर्शिता के नाम पर ई-गवर्नेंस की व्यवस्था लागू है, बावजूद इसके इस तरह की अनियमितताएं सवाल खड़े कर रही हैं। यदि जांच में घोटाले की पुष्टि होती है, तो कई बड़े अधिकारियों पर गाज गिर सकती है।
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