आज भगवान महावीर जी की जयंती बड़े हर्षोल्लास के साथ अयोध्या के दर्शन नगर में समाजसेवी संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष अपने संस्था के सभी कार्यकर्ताओं के साथ त्याग, तप, सत्य व अहिंसा के शाश्वत प्रतीक, जैन धर्म के 24 वे तीर्थंकर भगवान महावीर की जयंती मनाई गई जिसमें क्षेत्र के कई सम्मानित गढ़ उपस्थित हुए और भगवान महावीर के जयंती के शुभ अवसर पर आरती धूप करके प्रसाद का वितरण किया गया जिसमें अध्यक्ष जी ने भगवान महावीर के जयंती के शुभ अवसर पर लोगों को मानवता और इंसानियत के प्रति जागरूक करने का अभियान छेड़ा है अध्यक्ष जी अपने संस्था के द्वारा गांव-गांव गली-गली क्षेत्र क्षेत्र व शहर शहर तक मानवता वह इंसानियत का प्रचार प्रसार करने का शपथ लिया है वही शपथ के दौरान कार्यकर्ताओं में खुशी की माहौल झूम उठी.
रविंद्र प्रताप सिंह (रवि): वो शख्स जिसने मृत्यु के सन्नाटे में मानवता की आवाज़ बनकर 3800 शवों को दिया सम्मान
शमशान बना आशियाना, मोह माया से मुक्त मृत शरीरों में दिखा भगवान - रवि सिंह संवाददाता, लखनऊ l जब दुनिया ने अपने दरवाज़े बंद कर लिए थे, अपनों ने भी अपनों से मुँह फेर लिया था, अस्पतालों में साँसे रुक रही थीं और शमशान घाटों में चिताएं लगातार जल रही थीं — उस भयावह मंजर में एक चेहरा ऐसा भी था, जो लोगों को जीवन में नहीं परंतु मृत्यु के बाद सम्मान दे रहा था। नाम है रविंद्र प्रताप सिंह उर्फ रवि, जो न सिर्फ एक कर्मठ कर्मचारी हैं, बल्कि मानवता के सबसे कठिन इम्तहान में खरे उतरने वाले सच्चे योद्धा हैं। शमशान घाट बना तपोस्थली साल 2021, अप्रैल का महीना... लखनऊ का बैकुंठ धाम शवदाह गृह देश के सबसे व्यस्त शमशान घाटों में बदल चुका था। चिताओं की आग बुझने का नाम नहीं ले रही थी। उस दौरान जब अधिकांश कर्मचारी भय से दूर हो गए, रवि ने पीछे नहीं देखा। उन्होंने 8 अप्रैल से 8 जून 2021 तक दो माह तक शमशान में ही रहकर — 3800 से अधिक शवों का अंतिम संस्कार किया। यह सिर्फ आँकड़ा नहीं, हर एक शरीर के पीछे एक टूटता हुआ परिवार, एक आखिरी विदाई की पीड़ा, और रवि जैसे एक संवेदनशील हाथों की गरिमा थी। उनका कहना है — “मैंने मृत शरी...

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