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सिख धर्म सेवा, त्याग और वीरता की पराकाष्ठा!

सिखी मेरी पहचान फाउंडेशन” द्वारा खालसा सजना दिवस एवं वैशाखी पर्व पर ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन

लखनऊ। रवींद्रालय, चारबाग़ में आज “सिखी मेरी पहचान फाउंडेशन” द्वारा खालसा सजना दिवस एवं वैशाखी पर्व के पावन अवसर पर एक अत्यंत गरिमामय, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 

इस भव्य आयोजन में सिख धर्म के गौरवशाली इतिहास, गुरुओं के अमर बलिदान तथा धर्म और राष्ट्र रक्षा में दिए गए योगदान को भावनात्मक एवं प्रभावशाली कथका प्रदर्शन के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम में विशेष रूप से गुरु तेगबहादुर जी और गुरु गोविंद सिंह जी के मुगलों के साथ संघर्ष, उनकी शहादत, और सिख समाज द्वारा हिंदू धर्म की रक्षा हेतु किए गए बलिदान को उजागर किया गया।

सिखी मेरी पहचान फाउंडेशन के अध्यक्ष सरदार दिलप्रीत सिंह ने अपने संबोधन में कहा:

“हमारा उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि अपनी महान विरासत को जन-जन तक पहुंचाना है। सिख धर्म सेवा, त्याग और वीरता की पराकाष्ठा है। आज की युवा पीढ़ी को अपने इतिहास से जोड़ना हमारा कर्तव्य है।”

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, उत्तर प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि सिख धर्म भारत की विविधता और वीरता का प्रतीक है। हमारे सिख गुरुओं के बलिदान को पूरा भारत मस्तक पर धारण करता है। 

लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल ने सिख समाज को भारत की रीढ़ बताते हुए उनकी वीरता, सेवा और अनुशासन की सराहना की।उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री बलदेव सिंह औलख ने “सिखी मेरी पहचान फाउंडेशन” के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम हमारी सांस्कृतिक एकता को मजबूती प्रदान करते हैं और युवाओं को अपने गौरवशाली अतीत से जोड़ते हैं।

संस्था के उपाध्यक्ष रणवीर सिंह कलसी ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम जिलेवार भी आयोजित किए जाएँगे संस्था के वरिष्ठ उपाध्यक्ष लखविंदरपाल सिंह ने आए हुए सभी लोगो का धन्यवाद किया!

कार्यक्रम में मुख्य रूप से  भाजपा अवध क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष कमलेश मिश्रा, उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य मुकेश शर्मा, उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य अवनीश सिंह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक श्कौशल जी भाई साहब, पूर्व विधान परिषद सदस्य अरविंद त्रिपाठी ‘गुड्डू’,  प्रशांत भाटिया, भारतीय सिख संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार जसबीर सिंह विर्क, बाबाजी महेन्द्र सिंह, बाबाजी निर्मल सिंह, निरवैर सिंह, सुरेन्द्र पाल सिंह, राजा कुलदीप सिंह, प्रीत सिंह, सुदीप सिंह, कुलवंत सिंह, ओंकार सिंह, भूपेन्द्र सिंह सहित हजारों की संख्या में सिख समाज के पुरुष, महिलाएं एवं युवा उपस्थित रहे।

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