vinod Kumar Kushwaha सीतापुर। बिसवां राष्ट्रीय कवि संगम की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक ओरछा मध्य प्रदेश के मंच पर साहित्य भूषण कमलेश मौर्य मृदु की अध्यक्षता में कवि सम्मेलन संपन्न हुआ।
कवि सम्मेलन का संचालन झांसी से पधारे युवा ओज कवि रवि कुशवाहा ने किया। कवि संगम के राष्ट्रीय मंत्री साहित्य भूषण कमलेश मौर्य मृदु ने अपने धमाकेदार काव्यपाठ से जनपद सीतापुर का नाम रोशन किया।
युवा गीतकार हितेश विश्वा ने अपने गीत सुना कर सबका मन मोह लिया
गीत जो मन को पावन करता
जो झूलों पर सावन करता
गीत हंसी है गीत उदासी
कटु को जो करता मृदुभाषी
द्वेष शत्रुता कलम में भरकर
क्या लिखता अंगार पर
अतः अंततः गीत लिखा है
तेरे मेरे प्यार पर
कवि दिलीप कश्यप कलमकार के मुक्तक खूब सराहे गये
एक तमाशा जीवन में यूं जारी है,
क्या बतलाए कब किसकी बारी है।
आनी है तो आ जाएगी मौत स्वयं,
नहीं कोई फरमान ये सरकारी है ।
संचालन कर रहे रवि कुशवाहा ने नारी शक्ति का आह्वान करते हुए कहा
कुछ बनो बहिन न बनो किंतु गंगा सा पानी बन जाना।
सीता सावित्री अनुसुइया या हाड़ी रानी बन जाना।।
जो दुराचार दुष्कर्म कभी भी करने की चेष्टा करे।
उस दानव की छाती पर चढ़ कालिका भवानी बन जाना।।
बाराबंकी से पधारे हास्य-व्यंग्य कवि संदीप अनुरागी व दिल्ली से आये प्रसिद्ध हास्य कवि रसिक गुप्ता ने जमकर हंसाया तो जयपुर राजस्थान से आये वरिष्ठ कवि किशोर पारीक ने अपनी व्यंग्य व ओजस्वी कविताएं सुनाकर कवि सम्मेलन को ऊंचाइयां प्रदान कीं।
इस अवसर पर पूर्वी उप्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष शिवकुमार व्यास व काशी प्रांत अध्यक्ष अटल नारायण अटल की उपस्थिति उल्लेखनीय है।

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