लखनऊ का ऐतिहासिक घंटाघर एक बार फिर चर्चाओं में है — इस बार वजह है यहां की नाकाफी सुरक्षा व्यवस्था और CCTV कैमरों की भारी कमी।
जानकारी के मुताबिक, घंटाघर की पूरी संपत्ति हुसैनाबाद ट्रस्ट के अधीन आती है, और इसी ट्रस्ट की ज़िम्मेदारी है कि यहां सुरक्षा के इंतज़ाम किए जाएं। मगर मौजूदा हालात बेहद चिंताजनक हैं।
घंटाघर पर न तो पर्याप्त संख्या में CCTV कैमरे हैं और जो कैमरे पहले ट्रस्ट द्वारा लगाए भी गए थे, वे भी इस समय चालू हालत में नहीं हैं।
इस लापरवाही का खामियाजा मौके पर तैनात पुलिस को भी बदनामी के रूप में भुगतना पड़ रहा है, क्योंकि जब घटनाएं होती हैं तो सवाल सबसे पहले पुलिस पर ही उठते हैं।
अगर हुसैनाबाद ट्रस्ट द्वारा पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे सक्रिय करा दिए जाएं, तो न सिर्फ चोरी जैसी घटनाओं पर लगाम लगाई जा सकती है, बल्कि कई अपराधों को मौके पर ही रोका जा सकता है।
घंटाघर जैसी भीड़भाड़ वाली और ऐतिहासिक जगह पर सुरक्षा को लेकर ट्रस्ट की यह उदासीनता, जनता की सुरक्षा से सीधा खिलवाड़ है।

Comments
Post a Comment