प्रदेशभर के निकाय कर्मचारियों की उम्मीदें टिकीं 22 अप्रैल की अहम बैठक पर, महासंघ ने दी निर्णायक अधिवेशन की चेतावनी
शिवांश पाण्डेय
लखनऊ। उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ की वर्षों से लंबित मांगों का समाधान अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है।
महासंघ की पहल पर नगर विकास मंत्री और प्रमुख सचिव के स्तर पर बार-बार प्रस्तुतियाँ दी जा रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा सका है।
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री शशि कुमार मिश्रा ने जानकारी दी कि 24 मार्च को प्रस्तावित बैठक शासन की व्यस्तता के चलते स्थगित कर दी गई थी। इसके बाद माननीय नगर विकास मंत्री के निर्देश पर अब यह महत्वपूर्ण बैठक 22 अप्रैल को दोपहर 12 बजे पुनः बुलाई गई है।
बैठक से पूर्व कर्मचारियों में उत्सुकता और उम्मीद
महासंघ को विश्वास है कि इस बैठक में कर्मचारियों की वर्षों से लंबित समस्याओं पर ठोस और सार्थक निर्णय लिए जाएंगे। यदि ऐसा नहीं होता, तो महासंघ ने स्पष्ट कर दिया है कि 7वां प्रांतीय अधिवेशन निर्णायक साबित होगा।
7वां प्रांतीय अधिवेशन बनेगा निर्णायक मंच
कानपुर नगर निगम में आयोजित होने जा रहे इस अधिवेशन में उत्तर प्रदेश विधान सभा के मा. अध्यक्ष सतीश महाना मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। अधिवेशन में प्रदेश कार्यकारिणी का पुनर्गठन किया जाएगा तथा कर्मचारियों की समस्याओं पर आम सहमति से निर्णायक निर्णय लिए जाएंगे।
महासंघ की इस सक्रियता को लेकर प्रदेशभर के निकाय कर्मचारियों में आशा और जुझारूपन का माहौल है। अब निगाहें टिकी हैं 22 अप्रैल की बैठक और उसके बाद होने वाले अधिवेशन पर।
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