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लखनऊ की सड़कों पर अंधेरा: 33 हज़ार स्ट्रीट लाइटें खराब, नगर निगम ने EESL को घेरा

शिवांश पाण्डेय

लखनऊ: राजधानी की सड़कों पर उजाला कम और अंधेरा ज़्यादा दिख रहा है। नगर निगम के हालिया सर्वे में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है—शहर में लगभग 33,000 स्ट्रीट लाइटें खराब पाई गई हैं।


इन लाइटों के रखरखाव की ज़िम्मेदारी ईईएसएल (EESL) कंपनी के पास थी, लेकिन कंपनी की कार्यशैली से नगर निगम संतुष्ट नहीं है। 31 मई को कंपनी का अनुबंध समाप्त हो रहा है और इसे आगे बढ़ाने से साफ इनकार कर दिया गया है।


नगर निगम ने ईईएसएल को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी खराब स्ट्रीट लाइटें पूरी तरह दुरुस्त हालत में हैंडओवर की जाएं। यदि लाइटें चालू हालत में नहीं सौंपी गईं, तो कंपनी के बकाया बिल से राशि की कटौती की जाएगी।


इस फैसले के बाद अब ईईएसएल के सामने चुनौती है—33 हज़ार स्ट्रीट लाइटें दुरुस्त कर नगर निगम को सौंपनी होंगी, वरना भुगतान पर गाज गिरनी तय है।


लखनऊ के नागरिकों की सुरक्षा और सुविधाओं से जुड़ा यह मामला अब एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई का रूप लेता दिख रहा है। आने वाले दिनों में देखना होगा कि नगर निगम की सख्ती रंग लाती है या लखनऊ की गलियों में अंधेरा बना रहता है।


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