ravi maurya अयोध्या। जिला चिकित्सालय में गर्मी के मौसम में मरीजों और उनके तीमारदारों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर में लाखों रुपये की लागत से लगभग 10 वर्ष पूर्व लगाया गया आरओ वाटर प्लांट बंद पड़ा है।
कैंटीन के पास स्थित यह वॉटर प्लांट न तो ठंडा पानी देता है और न ही सामान्य पानी की आपूर्ति करता है। वहीं अस्पताल प्रशासन और प्रबंधन को इस अव्यवस्था की कोई जानकारी नहीं है, या वे इस ओर आंख मूंदे हुए हैं। भीषण गर्मी में मरीजों और उनके परिजनों को स्वच्छ व ठंडे पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। मजबूरन उन्हें अस्पताल परिसर के बाहर मौजूद दुकानों से महंगे दामों पर पानी खरीदना पड़ता है।
मरीजों व उनके तीमारदारों का कहना है कि वॉटर प्लांट ने कभी सामान्य पानी भी नहीं दिया। प्लांट में ठंडा करने की मशीन भी खराब पड़ी है, जिससे गर्मियों में समस्या और भी बढ़ जाती है।
सवाल यह उठता है कि जब अस्पताल प्रशासन भीषण चिल्लाती गर्मी में गर्मी से बचाव के लिए हीट वेव वार्ड बनाया है और लोगों को लू से बचाव के उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जगह-जगह होल्डिंग पोस्टर लगाए गए हैं लेकिन जिला चिकित्सालय में जहां प्रतिदिन हजारों हजार मरीज व तीमारदार आते हैं, उनके लिए जिला प्रशासन द्वारा पूर्व में वाटर फिल्टर मशीन लगाई गई थी जो निष्प्रयोज्य पड़ी है जिसके चलते लोगों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है ।

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