नेता पद, मंच से नहीं बनता ज़मीन पर जाकर लोगों की पीड़ा को समझना चाहिए- धर्मवीर सिंह राही
रत्नेश
मैनपुरी। पितृ दिवस के अवसर पर जब अधिकांश लोग अपने परिवार के बीच इस दिन को मना रहे थे, उसी समय समाजसेवा को समर्पित संवेदना फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष इं. धर्मवीर सिंह राही ने एक अलग और सराहनीय पहल करते हुए रात के अंधेरे में सड़कों पर भटकते बुजुर्गों और साधु-संतों की खोज कर उन्हें आवश्यक सामग्री वितरित की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
धर्मवीर सिंह राही ने उन लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया, जो अक्सर समाज की नजरों से ओझल हो जाते हैं। कंबल, भोजन, कपड़े और अन्य जरूरी चीजें वितरित कर उन्होंने यह साबित किया कि सेवा का सबसे बड़ा रूप वही है, जो नि:स्वार्थ भाव से हो और ज़रूरतमंद तक स्वयं पहुंचकर किया जाए।
उनकी इस पहल ने समाज और सियासत दोनों को एक नया संदेश दिया है — कि नेतृत्व केवल पद और मंच से नहीं बनता, बल्कि ज़मीन पर जाकर लोगों की पीड़ा को समझने और उसे दूर करने से बनता है।
गांव, जरूरतमंद और झुग्गी-झोपड़ी में रह रहे लोगों के बीच लगातार सक्रिय रहने वाले इं. धर्मवीर सिंह राही अब जनमानस के बीच एक नायक के रूप में उभरते नजर आ रहे हैं। उनकी सेवा भावना और सामाजिक सरोकारों के प्रति समर्पण आज के युवाओं और जनप्रतिनिधियों दोनों के लिए एक प्रेरणा बन रहा है।

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