तर्कशील, विवेकवान बनने के साथ वैज्ञानिक सोच अपनाने की जरूरत
- पहले जानो तब मानो.
- समाज के लोगो को तर्कशील बन.
- विवेकवान बनने व वैज्ञानिक सोच अपनाने पर जोर..
मनोज मौर्य
लखनऊ। अन्तर्राष्ट्रीय बौद्ध संस्थान गोमतीनगर प्रेक्षागृह में मौर्य समाज उत्थान समिति गोमती नगर के तत्वाधान में बुद्ध पूर्णिमा/वार्षिकोत्सव कार्यक्रम बुद्ध बंदना से प्रारम्भ हुई तत्पश्चात बुद्ध के विचारो पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ।
इसके बाद महिलाओं व बच्चो का कार्यक्रम का आयोजन हुआ। क्रमशः वक्ताओं द्वारा धम्म व सामाजिक विषयो पर भाषण दिया गया।
मुख्य अतिथि स्वामी प्रसाद मौर्य के आगमन उपरान्त तथा मंचासीन अन्य सभी अतिथियों का भव्य स्वागत किया गया।
ततोपरान्त मुख्य अतिथि महोदय द्वारा मेधावी छात्रों को पुरस्कृत किया गया।
मुख्य संभाषण अवधि में अन्य वक्ताओं ने भी सामाजिक मुद्दो व बुद्ध धम्म पर संबोधन किया । मुख्य अतिथि महोदय ने अपने उद्दोधन में अत्त दीपो भव पर प्रकाश डाला, बुद्ध के विचार "पहले जानो तब मानो" समाज के लोगो को तर्कशील बन विवेकवान बनने व वैज्ञानिक सोच अपनाने पर जोर दिया। किताबी ज्ञान अपनाने से पहले उसे मनन कर सत्य को जान कर अपनाने को बताया। इसके बिना किताबी ज्ञान से नौकरी मिल सकती है, परन्तु जरूरी नहीं है वह वास्तविक रूप में समझदार भी हो।
राजकीय सेवाओं में सहभागिता व शिक्षा में बहुजनों के साथ हो रहे भेदभावपूर्ण नीति के दुष्परिणाम से सचेत किया गया।
कार्यक्रम अध्यक्षीय भाषण व सहभोज के बाद सम्पन्न हुआ।




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