शिवांश पाण्डेय
लखनऊ, उत्तर प्रदेश स्थानीय कर्मचारी महासंघ ने अपनी 10 सूत्रीय लम्बित मांगों को लेकर प्रदेशभर में आंदोलन की चेतावनी दे दी है। इस संबंध में आज महासंघ के पदाधिकारियों ने नगर विकास मंत्री के आवास पर पहुंचकर ध्यानाकर्षण पत्र सौंपा और आगामी आंदोलन की रूपरेखा स्पष्ट की।
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री शशि कुमार मिश्र, महामंत्री श्री रमाकांत मिश्र, प्रदेश प्रवक्ता श्री मुन्ना हजारिया, प्रचार मंत्री श्री सुधाकर मिश्र, नगर निगम एवं जलकल कर्मचारी संघ के अध्यक्ष श्री आनंद मिश्र सहित अन्य प्रतिनिधियों ने मंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए 09 जुलाई 2025 को प्रस्तावित प्रदेशव्यापी सांकेतिक कार्यबंदी एवं गेट मीटिंग की जानकारी दी।
मुख्य बिंदु:
महासंघ 2019 से अब तक नगर विकास विभाग के साथ छह औपचारिक बैठकों के बावजूद समाधान से वंचित।
नगर विकास मंत्री द्वारा पूर्व में दो पत्र (8 अक्टूबर 2024 व 21 फरवरी 2025) भेजे जाने के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं।
महासंघ ने 30 जून 2025 को पहले ही आंदोलन की पूर्व सूचना भेज दी थी।
मांगें समयबद्ध तरीके से पूरी न होने की स्थिति में 09 जुलाई को पूरे प्रदेश में विभागों के मुख्यालयों पर कार्यबंदी और मंत्री/प्रमुख सचिव को ज्ञापन प्रेषण की रणनीति।
आज की बैठक में प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को महासंघ की बुकलेट, स्मृति चिन्ह, पुष्पगुच्छ व अंगवस्त्र भी भेंट किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार द्वारा शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो प्रदेशभर में व्यापक कर्मचारी असंतोष फूट सकता है।
क्या है कर्मचारी महासंघ की मांगें?
महासंघ की मांगों में वेतन विसंगति, पदोन्नति नीति, नियमितीकरण, कार्य स्थायित्व, सुरक्षा उपकरणों की व्यवस्था और सेवा शर्तों में सुधार जैसे प्रमुख बिंदु शामिल हैं।
अब देखना होगा कि नगर विकास विभाग 09 जुलाई से पहले कोई ठोस निर्णय लेता है या नहीं। अन्यथा, यह आंदोलन पूरे राज्य के शहरी निकाय कार्यों को प्रभावित कर सकता है।

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