चोरी और लूट की घटनाएं पुलिस के लिए कोई महत्व नहीं रखती
लेखराम मौर्य
लखनऊ । यह सप्ताह के अंदर माल थाना क्षेत्र के हल्का नंबर एक में जब से दरोगाओं की संख्या बढ़ी है तब से वाहन चोरी सहित शटर तोड़ने और लूट की घटनाओं में लगातार इजाफा होता जा रहा है लेकिन पुलिस के लिए यह घटनाएं कोई बहुत मायने नहीं रखती तभी तो वाहन चोरी की घटनाओं की देर से एफ आई आर लिखी जाती है और शटर तोड़ने जैसी घटनाओं को कई बार दबा दिया गया है। बीती 24 जुलाई को माल कस्बे में लगने वाली साप्ताहिक बाजार से शाम को घर वापस जाते समय सावित्री देवी कनौजिया को रास्ते में रोक कर अज्ञात लुटेरों ने सोने की चेन अंगूठी और सोने की झुमकी लूट कर फरार हो गए। घटना की सूचना लेकर थाने पहुंची सावित्री देवी को लूट की तहरीर देने से मना किया और पीड़ित से चोरी की तहरीर लिखवा कर चोरी की रिपोर्ट दर्ज कर ली। जब की महिला अपने साथ लूट की घटना लगातार बताती रही परंतु पुलिस ने उसकी एक न सुनी। अभी पुलिस इस घटना की जांच कर ही रही थी कि तीन दिन बाद लगने वाली दूसरी साप्ताहिक बाजार से मोटरसाइकिल चोरी हो गई। इस घटना की पुलिस ने तीन दिन बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की और सीसीटीवी कैमरे में एक अज्ञात लड़के को गाड़ी के पास देखा गया पुलिस उसी की तलाश कर रही है अब जब तक मोटरसाइकिल का लुटेरा नहीं मिलेगा तब तक शायद पुलिस मोटरसाइकिल चोरी की रिपोर्ट भी न दर्ज करें। माल थाना क्षेत्र के करेंद् निवासी रामविलास ने बताया कि वह माल बाजार में राकेश सिंह चौहान के घर के पास स्प्लेंडर मोटरसाइकिल गाड़ी संख्या यूपी 32 ई वी 0844 खड़ी करके बाजार में सब्जी लेने चले गए आधे घंटे बाद सब्जी लेकर लौटे तो पता चला की मोटरसाइकिल चोरी हो गई है। रामविलास ने 112 नंबर डायल कर पुलिस को सूचना दी उसके बाद थाने गए तो पुलिस ने दूसरे दिन 28 तारीख को तहरीर ली लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की। पुलिस अभी तक इन दोनों घटनाओं का खुलासा करने में नाकाम है जबकि इसी हफ्ते नबीपनाह भट्टे के पास तीन-चार दुकानों के शटर तोड़कर चोरी का प्रयास किया गया लेकिन एक दुकान से मात्र ₹250 नगदी मिलने के अलावा कुछ अन्य सामान दुकानों से चोरी कर ले गए लेकिन अधिक सामान चोरी न होने के कारण पुलिस ने किसी से तहरीर नहीं ली इससे पहले भी इस जगह इलेक्ट्रॉनिक की दुकान में शटर तोड़कर चोरी हो चुकी है जिसका आज तक खुलासा नहीं हुआ है। इसके अलावा पूर्व में भी माल कस्बे से दर्जन भर से अधिक मोटरसाइकिल चोरी हो गई लेकिन पुलिस कई घटनाओं का खुलासा नहीं कर पाई जबकि कुछ घटनाओं में तीन-चार लोगों को जेल भेजा जा चुका है बावजूद इसके अभी तक वाहन चोरी की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही है जबकि थाने में दरोगाओं की फौज देखी जा सकती है। अब देखना है कि इन घटनाओं का पुलिस कितनी जल्दी खुलासा करती है या फिर कागजों में बंद होकर रह जाएगी ।
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