खंड शिक्षा अधिकारी माल के नियंत्रण से बाहर हुए शिक्षक और शिक्षामित्र
लेखराम मौर्य
लखनऊ । खंड शिक्षा अधिकारी माल की लचर कार्य शैली के चलते सरकारी स्कूलों के अध्यापक और शिक्षामित्र निरंकुश होते जा रहे हैं इसीलिए विकासखंड के अनेकों विद्यालयों में शिक्षक और अध्यापक बारी-बारी से स्कूल से नदारत रहते हैं यही नहीं बच्चों को मामूली चीज भी नहीं पढ़ाई जा रही हैं क्योंकि इसी सप्ताह एक प्राथमिक विद्यालय के बच्चे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का नाम नरेंद्र मोदी बता रहे थे बृहस्पतिवार को पूर्व माध्यमिक विद्यालय अंटा खेड़ा में कक्षा 8 के छात्रों को हिंदी वर्णमाला के सभी अक्षर याद नहीं थे। सरकारी विद्यालयों का यह हाल तब है जब सरकार ने अध्यापकों की नाकामी की वजह से बंद होने के कगार पर पहुंच रहे विद्यालयों को दूसरे विद्यालयों में मर्ज करने का आदेश जारी कर दिया। शुक्रवार को इस संवाददाता ने जब क्षेत्र के विद्यालयों का भ्रमण किया तो पता चला कि कई जगह शिक्षामित्र विद्यालयों से गायब थे और कई विद्यालयों में अध्यापक भी विद्यालयों में समय से नहीं उपस्थित हुए अथवा गायब थे। प्राथमिक विद्यालय रहटा की अध्यापिका 8:45 पर विद्यालय पहुंची थी इसी तरह प्राथमिक विद्यालय रामनगर, सस्पन में उपस्थित अध्यापिका 9:00 छात्र एवं छात्राओं को प्रार्थना कर रही थी उन्होंने बताया कि विद्यालय में 46 बच्चे पंजीकृत हैं परंतु मौके पर मात्र 14 बच्चे उपस्थित थे कम बच्चों का कारण उन्होंने गांव में आंखों की बीमारी फैलने का कारण बता दिया जबकि पूरे गांव में ऐसी स्थिति नहीं है। इसी तरह प्राथमिक विद्यालय रघुनाथ खेड़ा में आज 9:45 बजे 6-7 बच्चे और रसोईया उपस्थित थी लेकिन अध्यापिका नदारत थी रसोइयों ने बताया कि इंचार्ज अध्यापिका रूपिका यादव चिकित्सकीय अवकाश पर हैं दूसरी अध्यापिका रंजना पाल आ रही होगी। इस विद्यालय में उपस्थित छात्राएं एक मोबाइल में गेम खेल रही थी छात्राओं ने ही बताया कि कल दोनों अध्यापिका आई थी और आज अभी तक दोनों गायब हैं। उन्हीं लोगों ने बताया कि दोनों अध्यापिका नियमित रूप से स्कूल नहीं आती हैं क्योंकि 10 तारीख को जब एक छात्र उपस्थित था तब अकेले रूपिका यादव मौजूद थी। प्राथमिक विद्यालय सस्पन के एक अध्यापक में कहा कि खंड शिक्षा अधिकारी ने पत्रकारों को स्कूल में प्रवेश करने से मना किया है। इससे साफ पता चलता है कि अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी माल ऐसे मौखिक आदेश अध्यापकों को दे रहे हैं।प्राथमिक विद्यालय जमोलिया में तीन शिक्षा मित्र और दो अध्यापक नियुक्त हैं। इनमें से दोनों पुरुष शिक्षा मित्र इंचार्ज अध्यपिका की मिली भगत से अक्सर गायब रहते हैं। इसी का नतीजा है कि विद्यालय में लगातार छात्रों की संख्या घटती जा रही है।



Comments
Post a Comment