बाबा छोटेलाल लक्ष्मी देवी सेवा समिति रामा भारी के तत्वावधान में संपन्न कवि गोष्ठी के मुख्य अतिथि जनपद के विख्यात साहित्यकार साहित्य भूषण कमलेश मौर्य मृदु ने संबोधन में कहा कविगोष्ठी उदीयमान कवियों के लिए संजीवनी है।
वहीं वरिष्ठ कवियों को सम्मान प्रदान करती है। कवि गोष्ठियों के माध्यम से नवोदित कवियों को वरिष्ठ कवियों का संरक्षण व मार्गदर्शन प्राप्त होता है ।
लखनऊ के सेक्टर 12 खलील मार्केट इंदिरा नगर में स्थित वरिष्ठ कवि रमाशंकर शर्मा नीलम के आवास पर संपन्न कवि गोष्ठी की अध्यक्षता लखीमपुर खीरी से पधारे वरिष्ठ कवि डा. शिव शर्मा विरक्त ने की।
कवि गोष्ठी का शुभारंभ श्रीमती आशा शर्मा द्वारा प्रस्तुत मातु शारदे की वंदना से हुआ। उन्होंने मां सरस्वती से याचना करते हुए कहा
मातु शारदे वर दे वर दे।
जगद्गुरु की पदवी पर फिर देश प्रतिष्ठित कर दे।।
वरिष्ठ कवि रमाशंकर शर्मा नीलाम के मुक्तक ग़ज़ल व छंद बहुत सराहे गये
अनलंकृत हीर न देखी गई।
मनमीन अधीर न देखी गई।
स्वछंद विहारिण कोकिला के,
पग स्वर्ण जंजीर न देखी गई।।
मुख्य अतिथि साहित्य भूषण कमलेश मौर्य "मृदु" ने श्रृंगार के मुक्तक सुना कर वाहवाही बटोरी
तेरी खातिर प्यार का नया स्टाइल बन जाऊंगा।
अगर प्यार से छुओगी तो टच मोबाइल बन जाऊंगा।
गर हमास सी कातिैल नजर ने कत्ल किया मेरे दिल का,
तो छोडूंगा नहीं तुझे मैं इजराइल बन जाऊंगा।।
कवि गोष्ठी के अध्यक्ष वरिष्ठ कवि डा. शिव शर्मा विरक्त के छंदों ने सभीका मन मोह लिया।
संकट हो जिस कंटक से जड़ से कट जाय सदा के लिए।
हो मन की मनको खलती मन से हट जाय सदा के लिए।
दर्द मिटा न सका पर यत्न किया घट जाय सदा के लिए।
क्यों विष का विष तत्व मिटे विष ही मिट जाय सदा के लिए।।
श्री नीलम ने उपस्थित कवियों का स्वागत किया तथा श्रीमती आशा शर्मा ने आभार व्यक्त किया।

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