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अस्पतालों में चिकित्सक व दवाओं की उपलब्धता पर जिलाधिकारी ने जताई सख़्ती

स्नेक बाइट और रेबीज़ जैसी जीवनरक्षक दवाएँ हर सीएचसी /पीएचसी में रहें उपलब्ध 

वशिष्ठ मौर्य

देवरिया अस्पतालों में चिकित्सक व दवाओं की उपलब्धता पर जिलाधिकारी ने जताई सख़्ती मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय स्थित धनवंतरि सभागार में मंगलवार को जिलाधिकारी श्रीमती दिव्या मित्तल की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं तथा एमडीए अभियान की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अब तक हुए कार्यों की विस्तृत जानकारी ली।

       बैठक के दौरान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रसव की स्थिति फिलहाल संतोषजनक है, लेकिन यह सुनिश्चित किया जाए कि अस्पताल आने वाले अन्य मरीजों को किसी प्रकार की दिक़्क़त न हो।

      उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिया कि सभी चिकित्सक समय से अस्पतालों में उपस्थित रहें और अपनी ड्यूटी ईमानदारी से निभाएँ। मरीजों को आवश्यक दवाएँ हर हाल में उपलब्ध कराई जाएँ। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि चिकित्सक की अनुपस्थिति या दवा की कमी की शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा और लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।

        उन्होंने कहा कि स्नेक बाइट, रेबीज़ सहित अन्य जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता प्रत्येक पीएचसी-सीएचसी पर हर स्थिति में सुनिश्चित होनी चाहिए।

       बैठक में आयुष्मान भारत योजना, टीकाकरण कार्यक्रम, जिला क्षय रोग समिति, संचारी रोग नियंत्रण, आभा आईडी की प्रगति, बच्चों में कुपोषण उन्मूलन तथा अस्पतालों में मरीजों के लिए उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं — जैसे बैठने की व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, व्हीलचेयर आदि — पर भी विस्तृत समीक्षा की गई।

        बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल कुमार गुप्ता, एसीएमओ (आरसीएच) डॉ. अजय शाही, डॉ. आर.के. श्रीवास्तव, डॉ. एस.के. सिन्हा, डीपीएम पूनम, डीसीपीएम राजेश गुप्ता, डीएमसीपी मिश्रा सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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