हैं लाख कमी मेरे किरदार में
है कुछ नमी मेरे किरदार में
खुद को गिरा नहीं पाता हूँ
है सख़्त जमीं मेरे किरदार में
स्वाभिमान मेरा मोम सा नहीं
है ठोस कदमी मेरे किरदार में
मैंने अपना ज़मीर बचा रखा है
बाकी सब गिरवी मेरे किरदार में
मुझसे कुछ की धड़कन बढ़ती है
किसे लगे सदमी मेरे किरदार में
बेवजय कोई नज़र नहीं मिलाता
नहीं खौफ बेदमी मेरे किरदार में
"उड़ता"पड़ो नहीं यों तकरार में
बचा रख सरजमीं मेरे किरदार में
सुरेंद्र सैनी बवानीवाल "उड़ता"
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