मिलाकर आंख दुनिया से ये भारत बात करता है- कमलेश मौर्य मृदु
राष्ट्र की बात संवाददाता
बिसवां -सीतापुर। ट्यूलिप ग्राउंड कॉलोनी में गणेश उत्सव समिति बरेली के तत्वावधान में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसके मुख्य अतिथि का दायित्व जनपद के विख्यात कवि साहित्य भूषण कमलेश मौर्य मृदु जी को दिया गया। गणेश वंदना और माँ शारदे की वंदना के पश्चात कवि सम्मेलन का शुभारम्भ हुआ। हिमांशु श्रोत्रिय निष्पक्ष ने अपनी ग़ज़ल पढ़ते हुए कहा कि,,,,
ग़ज़ब का ज्ञान वेदों की पढ़ाई में निकलता है,
जगत में सच सनातन की दुहाई में निकलता है।
कहीं केशव कहीं शंकर कहीं देवी निकलती हैं,
खुदाई का करिश्मा हर खुदाई में निकलता है।
इसके उपरांत राजेश गौड़ ने बेटियों पर अपनी प्रसिद्ध कविता इस तरह पढ़ी,
,,बेटी क्या है एक लता है इस घर से उस घर चढ़ जाती।
जड़ें छूट जातीं गमले में दूजे के घर फूल खिलाती।
कवि गीतकार कमल सक्सेना ने श्रृंगार के कई मुक्तक पढ़े जिन पर पंडाल में बैठे हुए सभी श्रोताओं ने दिल खोलकर तालियाँ बजायी। अपनी कविता पढ़ते हुए कमल सक्सेना ने कहा कि,,
पतझर जो आ गया तो बहारों की क्या खता।
जो चाँद छुप गया तो सितारों की क्या खता।
था दोष किसी और का तो हमको क्यों लगा,
डूबी है नाव तो है किनारों की क्या खता।
श्रोताओं की तालियों की बीच कमल सक्सेना ने अपनी ग़ज़ल इस तरह से पढ़ी,,,
मिटेंगी हस्तियाँ तेरी अमन तब याद आयेगा।
मिलेंगी ठोकरें अपना वतन तब याद आयेगा।
विदेशी रंग में रंगकर तेरी बेटी जवाँ होगी,
तुझे इस देश का चालो चलन तब याद आयेगा।
साहित्य भूषण कमलेश मौर्य मृदु ने गणेश जी से प्रार्थना करते हुए कहा कि,,,,
छद्मवेशी भेडिये पले हैं ठांव ठांव यहां उन भेड़ियों को प्रभु पहचान लीजिए।
गजवाये हिंद का जो सपना हैं देख रहे उन जेहादियों पे सर संधान कीजिए। जिस पर सभी श्रोताओं ने जोरदार तालियाँ बजाईं।
श्री मृदु ने भारत के वर्चस्व को रेखांकित करते हुए कहा
मिलाकर आंख दुनिया से ये भारत बात करता है।
पटखनी पर पटखनी दे जो इससे घात करता है।
बुलेट एके सैंतालीस की कभी आयात करता था,
वो भारत विश्व में ब्रह्मोस का निर्यात करता है।।
कवि सम्मेलन का संचालन गीतकार कमल सक्सेना ने किया। कार्यक्रम में एम सी अग्रवाल, महेश परवाल, डॉ नीरज सक्सेना, राक्षपाल सिँह, अमित सिँह, पारस जैन, राजीव गुप्ता, धर्मेन्द्र सक्सेना, नवल सेन व कमल उप्पल सहित सभी कॉलोनी वासी देर रात तक जोरदार तालियाँ बजाते रहे। अंत में अध्यक्ष डा एम सी अग्रवाल व अन्य पदाधिकारियों ने कवियों को सम्मानित किया व सबका आभार प्रकट किया।


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