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किसान दिवस पर सुनी गई किसानों की समस्याएं, अधिकारियों को मिले निस्तारण के निर्देश

वशिष्ठ मौर्य

देवरिया उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक माह के तीसरे बुधवार को आयोजित होने वाला किसान दिवस विकास भवन स्थित गांधी सभागार में जिलाधिकारी श्रीमती दिव्या मित्तल की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।

जिलाधिकारी ने बैठक में किसानों की समस्याएं सुनी गईं और उप कृषि निदेशक देवरिया को सभी शिकायतों को दर्ज कर उनका अनुपालन कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि पशुओं में फैल रही लंपी बीमारी के बारे में किसानों को जागरूक करने के लिए वीडियो माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जाए।

        इंजीनियर अतुल मिश्रा ने परसिया गोदाग में विद्युतीकरण कराने का अनुरोध किया, जिस पर विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता सदर को एक सप्ताह के भीतर वैकल्पिक व्यवस्था कर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। मारकण्डेय सिंह ने बताया कि साधन सहकारी समिति गडेर का भवन जर्जर स्थिति में है, जिससे गोदाम में रखी खाद बारिश में खराब हो रही है। इस पर सहायक निबंधक सहकारी समितियों को गोदाम में आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

दुग्ध उत्पादक संघ उसरा के प्रबंधक को किसानों के दूध के बकाया भुगतान के संबंध में शासन को पुनः पत्र भेजने के निर्देश दिए गए। सदानन्द यादव ने शिकायत की कि उनके घर के पास बहुत पुराना लकड़ी का पोल लटक गया है, जिसे बदलवाने का आश्वासन दिया गया। राघवेन्द्र प्रताप शाही ने ग्रामों में निजी नलकूपों की चोरी की घटनाओं की ओर ध्यान आकर्षित किया। इस पर उप कृषि निदेशक को निर्देशित किया गया कि ऐसी शिकायतों के समाधान के लिए पुलिस विभाग को पत्र भेजें।

       किसानों ने बताया कि तहसील रुद्रपुर में धारा 32/38 के 100 से अधिक मामले लंबित हैं। इस पर मुख्य राजस्व अधिकारी को निर्देशित किया गया कि उप जिलाधिकारी रुद्रपुर को इन मामलों के निस्तारित हेतु पत्र प्रेषित कराए। रमेश मिश्रा ने कहा कि ग्राम पंचायतों में लगी स्ट्रीट लाइटें दिनभर जलती रहती हैं, जिससे बिजली की बर्बादी हो रही है। इस पर परियोजना अधिकारी को जिला पंचायत राज अधिकारी को पत्र भेजने का निर्देश दिया गया ताकि लाइटें समय से चालू और बंद कराई जा सकें।

       उप  निदेशक कृषि सुभाष मौर्य ने बताया कि गत माह आयोजित किसान दिवस में प्राप्त 14 शिकायतों की अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इसके बाद किसानों को कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी दी गई। उन्होंने किसानों से कहा कि यूरिया का प्रयोग आवश्यकता के अनुसार ही करें। कृषि यंत्रीकरण योजना में जिन किसानों का टोकन कन्फर्म हो गया है, वे पोर्टल पर बिल अपलोड कर समस्त प्रपत्र कार्यालय में जमा करें। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम-कुसुम) योजना की जानकारी दी और बताया कि इस वर्ष लगभग 80 से 90 प्रतिशत तक अनुदान पर सोलर पंप दिए जाएंगे। लक्ष्य प्राप्त होते ही इसकी सूचना पत्रों के माध्यम से प्रसारित की जाएगी।

         विषय वस्तु विशेषज्ञ धीरेन्द्र प्रताप सिंह ने धान की फसल में रोग नियंत्रण के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि सड़न की समस्या पर कॉपर ऑक्सीक्लोराइड व स्ट्रेप्टोसाइक्लीन का छिड़काव करें। यदि पत्ती नीचे से सूख रही हो तो कार्बेन्डाजिम और ऊपर से सूख रही हो तो मैकोजेब का छिड़काव करें। बाली आने पर सूखने लगे तो एमिडाक्लोरोपिड का प्रयोग लाभकारी होगा।

      मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी और बताया कि गलाघोटू तथा खुरपका-मुंहपका रोगों का टीकाकरण अभियान रोस्टर के अनुसार गांव-गांव चलाया जा रहा है। किसानों से अपील की गई कि वे अपने पशुओं का टीकाकरण अवश्य कराएं। उन्होंने बताया कि यह बीमारी 100 पशुओं में से केवल 7 में ही फैलने की संभावना होती है, किसानों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।

         बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन, परियोजना अधिकारी, उप कृषि निदेशक, जिला कार्यकारी अधिकारी मत्स्य, अधिशासी अभियंता नहर, सहायक अभियंता नलकूप, अधिशासी अभियंता विद्युत देवरिया, गौरीबाजार व सलेमपुर, अग्रणी जिला प्रबंधक, प्रभारी भूमि संरक्षण अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, खाद्य विपणन अधिकारी, गन्ना अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, सहायक निबंधक सहकारी समितियां, प्रबंधक दुग्ध उत्पादक संघ उसरा, मंडी सचिव, जिला समन्वयक, वन विभाग अधिकारी, एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कम्पनी आदि विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।किसान प्रतिनिधियों में राघवेन्द्र प्रताप शाही, अतुल मिश्रा, कौशलेश नाथ मिश्रा, रमेश मिश्रा, सत्याग्रहण सरोज, अरविन्द उपाध्याय, राधानन्द यादव सहित अन्य किसान भी मौजूद रहे।

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