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जनता की जागरूकता के बिना बिहार का विकास संभव नहीं : समाजसेवी जितेन्द्र कुशवाहा

प्रमुख संवाददाता

छत्तरपुर ,नई दिल्ली  संसार जन कल्याण एक किरण फाउंडेशन के संस्थापक सह बिहारी वेल्फेयर सोसाइटी के जनसंपर्क अधिकारी, समाजसेवी जितेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि आजादी के 78 वर्ष पूरे होने के बावजूद बिहार अब भी अतिपिछड़ा, निर्धन और बीमारू राज्य की श्रेणी में गिना जाता है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति के लिए केवल नेताओं की नीतियाँ जिम्मेदार नहीं हैं, बल्कि जनता की निष्क्रियता और जागरूकता की कमी भी उतनी ही बड़ी वजह है।


उन्होंने कहा कि आज भी लाखों छात्र-युवा पढ़ाई के लिए बाहर जाते हैं, रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन करते हैं और गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दिल्ली-मुंबई जैसे शहरों पर निर्भर रहते हैं। यह किसी भी राज्य के लिए दुखद स्थिति है।


जितेन्द्र कुशवाहा ने जोर देकर कहा कि जब तक जनता जागरूक होकर सही नेतृत्व का चयन नहीं करेगी, तब तक विकास के सपने अधूरे रहेंगे। बार-बार जातिवाद, प्रलोभन और भावनात्मक मुद्दों पर वोट देने की प्रवृत्ति ही बिहार को पीछे धकेल रही है।


उन्होंने कहा कि बिहार को ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है जो ईमानदार, दूरदर्शी और जनहित में कार्य करने वाला हो। लेकिन ऐसा नेतृत्व तभी उभर कर आएगा जब जनता शिक्षित, सजग और संगठित होकर अपने अधिकारों का सही इस्तेमाल करेगी।


समाजसेवी जितेन्द्र कुशवाहा ने जनता से आह्वान किया कि अब समय आ गया है कि जाति और स्वार्थ से ऊपर उठकर विकास के मुद्दों पर मतदान करें। उन्होंने कहा—

“सही नेतृत्व और जागरूक जनता ही बिहार को अतिपिछड़ेपन से निकालकर समृद्ध और विकसित राज्य बना सकती है।”

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