मंजुल भारद्वाज
कितना खूबसूरत होता है...
मज़लूम, ग़रीब,बेसहारा के लिए
आवाज़ उठाना
उनके हक़ के लिए
संघर्ष करना !
कितना खूबसूरत होता है...
अन्याय के खिलाफ़
न्याय की चेतना जगाना
अन्याय के खिलाफ़
शोषितों को लामबंद करना !
कितना खूबसूरत होता है...
हिंसा नहीं
अहिंसा के मार्ग पर चलकर
ग़ुलाम कौम को
आज़ाद कराना !
कितना खूबसूरत होता है...
जुमलेबाज़ी, अफ़वाहों
और झूठ के साथ नहीं
अपितु
सत्य के साथ खड़ा होना
सत्य के मार्ग पर चलना !
कितना खूबसूरत होता है...
इंसाफ़,उम्मीद और
इंसानियत की डगर पर चलते हुए
कला से इस दुनिया को बेहतर बनाना !
Comments
Post a Comment