नगर निगम आउटसोर्सिंग कर्मचारी की सैलरी में कटौती का मामला
पुरानी कंपनियां प्रिया एंटरप्राइजेज व ओजस्वी 8600 और प्रभात कंस्ट्रक्शन ₹8900 से मिलता था वेतन
लखनऊ। नगर निगम आउटसोर्सिंग कर्मचारी की सैलरी में रहस्यमयी की कटौती ने कर्मचारियों के बीच असंतोष फैला दिया है। पहले जहां इन्हें प्रभात कंस्ट्रक्शन द्वारा ₹8900 मासिक वेतन दिया जा रहा था, वहीं लक्ष्मी सिक्योरिटी नामक नई एजेंसी के आते ही यह वेतन घटाकर ₹8500 कर दिया गया है।
ड्राइवरों ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि*
सैलरी कट गई, लेकिन काम वही है। सवाल है कि ये आखिर जा कहां रहे हैं? ये कटौती किसकी जेब में जा रही है?
नगर आयुक्त की पहल से समय से मिली सैलरी
ड्राइवरों का कहना है कि नगर आयुक्त गौरव कुमार के निर्देशों के चलते सभी कर्मचारियों को रक्षाबंधन से पहले सैलरी समय पर मिल गई, जिसके लिए वे आभार प्रकट करते हैं। लेकिन इसी बीच की कटौती ने खुशी को फीका कर दिया।
नगर निगम में वर्षों से ठेके पर काम करने वाले आउटसोर्सिंग कर्मचारी ने बताया कि त्योहार के समय सैलरी समय से मिली, इसके लिए हम नगर आयुक्त के शुक्रगुज़ार हैं। लेकिन नई कंपनी के आते ही इस तरह की कटौती समझ से बाहर है।
बड़े रसूखदारों की छाया में 'लक्ष्मी सिक्योरिटी'?
स्थानीय सूत्रों का दावा है कि लक्ष्मी सिक्योरिटी को नगर निगम में आउटसोर्सिंग कर्मचारी की सेवा का काम हाल ही में सौंपा गया है। लेकिन कंपनी के कामकाज को लेकर पहले ही सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि कुछ “बड़े” और “रसूखदार” लोगों का हाथ इस कंपनी के ऊपर है, जिस कारण उस पर कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही।
आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने कहा कि—
ऐसा नहीं है कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का सिर्फ नुकसान है, ये तो शुरुआत है। अगर आज आवाज़ न उठाई गई, तो कल और कटौती हो सकती है। नगर निगम में पहले भी ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं।
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