...... कहीं बड़े अधिकारियों का संरक्षण में तो नहीं चल रहा वेतन ईपीएफ/ईएसआई का घोटाला
नगर निगम लखनऊ में वेतन और ईपीएफ/ईएसआई भुगतान घोटाले का आरोप
कर्मचारियों के हितों की अनदेखी पर नगर निगम आर.आर कर्मचारी संघ ने जताई नाराज़गी, मुख्य अभियंता से की गई उच्च स्तरीय जांच की मांग
बलराम मौर्य
लखनऊ। नगर निगम लखनऊ के केंद्रीय कार्यालय में कर्मचारियों के वेतन और ईपीएफ/ईएसआई भुगतान को लेकर गंभीर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। इस संबंध में नगर निगम आर-आर कर्मचारी संघ ने मुख्य अभियंता (वित्त/खातों) को पत्र भेजकर तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की है। नगर निगम आर आर कर्म चारी संघ के पत्र (संख्या-592/संघ/2025, दिनांक 19 सितंबर 2025) में आरोप लगाया गया है कि कार्यदायी संस्था लक्ष्मी सिक्योरिटी द्वारा स्वीकृत कर्मचारियों के वेतन और ईपीएफ/ईएसआई की राशि में गड़बड़ी की जा रही है। संघ के अध्यक्ष शैलेंद्र तिवारी और महामंत्री राकेश तिवारी ने पत्र में कहा है कि 1 जुलाई 2025 से केंद्रीय कार्यशाला एवं मार्ग प्रकाश विभाग का ठेका उक्त संस्था को दिया गया है, जिसके बाद से कर्मचारियों का वेतन समय पर नहीं दिया जा रहा और ईपीएफ/ईएसआई में भी उचित भुगतान नहीं हो रहा।
पहले भी सामने आ चुकीं लक्ष्मी सिक्योरिटी द्वारा की गई अनियमितताएं -
संघ का कहना है कि यह संस्था पहले भी नगर निगम के अन्य जोनों में इसी तरह की गड़बड़ियां कर चुकी है और अब वही स्थिति केंद्रीय कार्यशाला आर-आर विभाग में भी दोहराई जा रही है।
संघ ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि विभाग में कार्यरत कुल कर्मचारियों की सूची सार्वजनिक की जाए और इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही, दोषी संस्थाओं और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि कर्मचारियों को उनका वैधानिक वेतन व सुविधाएं समय पर मिल सकें।
नगर निगम आर आर कर्मचारियों ने फर्जी भुगतान का आरोप लगाया है -
संघ के अध्यक्ष शैलेन्द्र तिवारी ने भी एक ज्ञापन जारी कर आरोप लगाया कि विभाग में ऐसे कर्मचारियों को भी भुगतान किया जा रहा है जो वास्तव में कार्यरत नहीं हैं। उन्होंने जुलाई और अगस्त 2025 में हुए कुल भुगतान का ब्यौरा सार्वजनिक करने, ईपीएफ जमा की स्थिति बताने और कर्मचारियों को ईपीएफ आईडी कार्ड जारी करने की जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है।
नगर निगम आर आर कर्म चारी संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी -
नगर निगम आर आर कर्म चारी संघ ने साफ चेतावनी दी है कि यदि इस मामले पर नगर निगम प्रशासन ने तत्काल संज्ञान नहीं लिया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, तो कर्मचारी आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन और विभागाध्यक्ष की होगी।

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