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सरकार के नए फैसले से लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों का भविष्य अंधकार में: संयुक्त मोर्चा

 तीन साल सेवा और कोई वरीयता नहीं: आउटसोर्स कर्मचारियों के खिलाफ संयुक्त मोर्चा का विरोध - वी पी मिश्रा

सेवा सुरक्षा और सुविधाओं की मांग, आउटसोर्स कर्मचारियों को लेकर मोर्चा आक्रोशित

नियमित नियुक्ति में वरीयता न मिलने पर भड़का कर्मचारी-शिक्षक संयुक्त मोर्चा

युवा वर्ग का भविष्य संकट में, आउटसोर्स कर्मचारियों पर सरकार के फैसले का विरोध

मनोज मौर्य

लखनऊ l  कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा उ•प्र• ने राज्य सरकार के फैसले से आउटसोर्स कर्मचारियों को मात्र 3 वर्ष सेवा करने एवं माह में 26 दिन कार्य करने तथा ऐसे कर्मियों को नियमित नियुक्ति चयन में वरीयता न देने की व्यवस्था न करने पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि प्रदेश के लाखो आउटसोर्स कर्मचारियो का भविष्य अंधकार हो जायेगा। संयुक्त  मोर्चा के अध्यक्ष वी पी मिश्रा व महासचिव शशि कुमार मिश्र, संयोजक सतीश पान्डे  ने सरकार के निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उनकी मांग है की आउटसोर्स कर्मचारी को पदभार न्यूनतम वेतन भत्ते दिए जाएं उनके सेवा सुरक्षा एवं अन्य सभी सरकारी सुविधाएं दी जाएं तथा नियमित नियुक्तियों में उनके अनुभव के देखते हुए वरीयता दी जाए।  संयुक्त मोर्चा ने यह भी कहा है कि रिक्त पदों पर नियमित नियुक्तियां की जाए। मोर्चे  के नेताओं ने कहा है कि इस निर्णय से युवा वर्गों का भविष्य अंधकार में हो जाएगा वह तीन वर्षों की सेवा के बाद क्या करेंगे। उनके परिवार का खर्च कैसे चलेगा। संयुक्त मोर्चा एवं उ•प्र•स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ ने मुख्यमंत्री जी से आग्रह किया है कि इस फैसले में सुझावों के अनुरूप संशोधित किया करने का कष्ट करे। शशिकुमारमिश्र महासचिव संयुक्त मोर्चा एवं प्रदेश अध्यक्ष-उ •प्र•स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ

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