Skip to main content

बालिकाओं की शिक्षा व सुरक्षा के मामले में भाजपा सरकार पूरी तरह विफल- जूही सिंह

राजनीति में जिस मुकाम पर हूं वह मेरे पिता स्वर्गीय मित्रसेन यादव व मां श्यामकली की देन - आनंद सेन यादव

रवि मौर्य

अयोध्या। मिल्कीपुर क्षेत्र के श्यामकली बालिका इंटर कॉलेज आनंदनगर भिटारी में गुरुवार को मां श्यामकली की 16वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष जूही सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की और मां श्यामकली को श्रद्धांजलि अर्पित की। जूही सिंह ने श्यामकली बालिका इंटर कॉलेज की 6 मेधावी बालिकाओं को साइकिल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बालिकाओं की शिक्षा और सुरक्षा के मामले में प्रदेश सरकार पूरी तरह से विफल रही है।

श्रीमती जूही सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में बालिकाओं को कन्या विद्याधन दिया जाता था। शिक्षा के प्रति आकर्षित करने के लिए सपा सरकार द्वारा बालिकाओं को साइकिल भी निशुल्क वितरित की जाती थी। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार शिक्षण संस्थानों को व शिक्षा को खत्म करने पर आमादा हो गई है। बालिकाएं देवी दुर्गा का स्वरूप होती है। पवित्र नवरात्रि में बालिकाओं को देवी दुर्गा मानकर लोग बालिकाओं की पूजा अर्चना करते हैं। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में बहन,बेटियों व नारी सुरक्षित नहीं है आज प्रदेश में महिलाओं के ऊपर जुल्म और अत्याचार बढ़ गया है। कानून व्यवस्था पूरी तरीके से चौपट हो गई है। समाज का सभी वर्ग सपा प्रमुख अखिलेश यादव की तरफ उम्मीद भरी निगाहों से देख रहा है। आने वाले 2027 के चुनाव में प्रदेश में फिर से समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री आनंद सेन यादव ने कहा कि राजनीति में मैं आज जो कुछ भी हूं उसमें मेरी स्वर्गीय माता श्याम काली देवी व पिता स्वर्गीय मित्रसेन यादव की देन है। माता-पिता द्वारा बताए गए सिद्धांतों पर चलकर पूरे जीवन गरीबों,मजलूमों, पीड़ितों, शोषितों व वंचितों की सेवा करता रहूंगा। समाजवादी पार्टी हमेशा से ही महिलाओं और बालिकाओं के अधिकारों के लिए लड़ती रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को बालिकाओं की शिक्षा और सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।

श्यामकली बालिका इंटर कॉलेज आनंदनगर भिटारी में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। सभी ने मां श्यामकली को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया। सपा प्रवक्ता लवलेश पांडेय ने बताया कि कार्यक्रम की अध्यक्षता रामचरण यादव व संचालन धर्मपाल यादव ने किया। कार्यक्रम में गायक धर्मेंद्र वर्मा ने अपने गीतों के माध्यम से मां श्यामकली देवी को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पूर्व एमएलसी लीलावती कुशवाहा पूर्व प्रमुख इंदुसेन यादव,ब्लॉक प्रमुख अंकुर सेन यादव,नेहा सेन,स्नेह लता निषाद,सरोज यादव ,लल्लन कोरी, पृथ्वीराज यादव, अनिल विश्वकर्मा, हरिबक्स सिंह,साहब लाल,सुनीता कोरी, सुरेश इंसान, भीम यादव,अखिलेश सिंह बब्बू,आनंद सिंह मिंटू, जेपी यादव,इंद्रसेन यादव पिंटू,शोभनाथ,राम जी चौधरी,अमरेश यादव राजन,उपेंद्र यादव,राम मूर्ति,जामवंत, दर्शना कोरी,गुड्डन कोरी,उषा यादव,गीता शर्मा,राजकुमारी यादव,रामकृष्ण कोरी,शिव बहादुर यादव,राकेश यादव सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

Comments

Popular posts from this blog

रविंद्र प्रताप सिंह (रवि): वो शख्स जिसने मृत्यु के सन्नाटे में मानवता की आवाज़ बनकर 3800 शवों को दिया सम्मान

शमशान बना आशियाना, मोह माया से मुक्त मृत शरीरों में दिखा भगवान - रवि सिंह संवाददाता, लखनऊ l जब दुनिया ने अपने दरवाज़े बंद कर लिए थे, अपनों ने भी अपनों से मुँह फेर लिया था, अस्पतालों में साँसे रुक रही थीं और शमशान घाटों में चिताएं लगातार जल रही थीं — उस भयावह मंजर में एक चेहरा ऐसा भी था, जो लोगों को जीवन में नहीं परंतु मृत्यु के बाद सम्मान दे रहा था। नाम है रविंद्र प्रताप सिंह उर्फ रवि, जो न सिर्फ एक कर्मठ कर्मचारी हैं, बल्कि मानवता के सबसे कठिन इम्तहान में खरे उतरने वाले सच्चे योद्धा हैं। शमशान घाट बना तपोस्थली साल 2021, अप्रैल का महीना... लखनऊ का बैकुंठ धाम शवदाह गृह देश के सबसे व्यस्त शमशान घाटों में बदल चुका था। चिताओं की आग बुझने का नाम नहीं ले रही थी। उस दौरान जब अधिकांश कर्मचारी भय से दूर हो गए, रवि ने पीछे नहीं देखा। उन्होंने 8 अप्रैल से 8 जून 2021 तक दो माह तक शमशान में ही रहकर — 3800 से अधिक शवों का अंतिम संस्कार किया। यह सिर्फ आँकड़ा नहीं, हर एक शरीर के पीछे एक टूटता हुआ परिवार, एक आखिरी विदाई की पीड़ा, और रवि जैसे एक संवेदनशील हाथों की गरिमा थी। उनका कहना है — “मैंने मृत शरी...

“अफसरों की लापरवाही और सरकार की अनदेखी: उजड़ने की कगार पर संजय कॉलोनी भाटी माइंस”

जितेंद्र कुशवाहा दिल्ली के दक्षिणी इलाके में स्थित संजय कॉलोनी भाटी माइंस के लोग आज भी अपने अधिकार और अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यह वही कॉलोनी है, जिसे वर्ष 1976 में दिल्ली सरकार ने विधिवत बसाया था और यहां के निवासियों को पट्टे भी दिए गए थे। उस समय ग्रामीणों को यह भरोसा दिलाया गया था कि अब उन्हें एक स्थायी ठिकाना मिल गया है। लोग गांव से आए, मजदूरी की, और जीवनभर की कमाई लगाकर ईंट-पत्थर से अपने आशियाने खड़े किए। लेकिन 1991 में अफसरों की लापरवाही और सरकार की अनदेखी ने यहां के निवासियों की जिंदगी को अंधकार में धकेल दिया। अधिकारियों की एक गलत रिपोर्ट और अदूरदर्शी निर्णय के कारण पूरी कॉलोनी को रिज क्षेत्र (संरक्षित वन क्षेत्र) घोषित कर दिया गया। नतीजा यह हुआ कि 15 साल पहले जिन घरों को कानूनी मान्यता दी गई थी, वे अचानक “अवैध” हो गए। आज हालात यह हैं कि सरकार और प्रशासन उन्हीं घरों को तोड़ने पर आमादा है, जिन पर लोगों ने अपना खून-पसीना बहाकर जीवन की पूंजी लगा दी थी। इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हुए नव युवक ग्राम विकास समिति के सदस्य एवं ‘संसार जनकल्याण एक किरण फाउंडेशन’ के संस्थापक समाज...

नगर निकायों में कर्मचारियों से उच्च पद का कार्य लेना बंद होगा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने नगर निकायों में कार्यरत कर्मचारियों से उनके मूल पद से उच्च पद का कार्य लेने की प्रथा पर सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है, जिसके तहत अब किसी भी नगर निकाय में कार्यरत कर्मचारी से उसके मूलपद से अधिक जिम्मेदारी वाला कार्य नहीं लिया जाएगा।  मुख्यमंत्री कार्यालय को ऑनलाइन संदर्भ संख्या 60000180127355 के माध्यम से एक शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें यह उजागर किया गया था कि प्रदेश के कई नगर निकायों में कर्मचारियों से उनकी निर्धारित जिम्मेदारियों से अधिक काम लिया जा रहा है।  इस मामले पर 19 दिसंबर 2018 को संज्ञान लिया गया था, लेकिन अब इसे लेकर ठोस कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। स्थानीय निकाय निदेशालय, गोमती नगर विस्तार, लखनऊ की ओर से यह निर्देश प्रदेश के समस्त नगर आयुक्तों, जलकल विभाग के महाप्रबंधकों, डिविजनल जल संस्थानों के प्रमुखों और नगर पालिका व नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को भेजा गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी कर्मचारी से उसके मूलपद से ऊपर के स्तर का कार्य लेना नि...