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भाकपा ने जोरदार प्रदर्शन कर महामहिम राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी को सौंपा


रवि मौर्य

अयोध्या । बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में पैंसठ लाख मतदाताओं का नाम हटाए जाने, चुनाव आयोग द्वारा वोटों की हेराफेरी करने और 130वें संविधान संशोधन विधेयक के खिलाफ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने विरोध प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी सदर को सौंपा।

  इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि चुनाव आयोग की सरकार परस्ती के व्यवहार को देखते हुए पूरे देश के मतदाता सशंकित हैं। फर्जी वोटर हटाने के नाम पर आम मतदाताओं के वोटों की चोटी चुनाव आयोग भाजपा सरकार की सांठगांठ से कर रहा है। चुनाव आयोग एक व्यक्ति एक वोट के सिद्धांत की धज्जियां उड़ा रहा है।

    वक्ताओं ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग के दिखाई देते गठजोड़ के आरोपों का संतोषजनक स्पष्टीकरण दे पाने में चुनाव आयोग पूरी तरह असफल रहा है। जनतंत्र में मतदाताओं के वोटों की चोटी कर भाजपा सरकार लोकतंत्र को लगातार कमजोर कर रही है।

       आगे कहा गया कि संसद में गृहमंत्री अमित शाह द्वारा पेश 130वें संविधान संशोधन विधेयक का भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी कड़ा विरोध करती है। यह विधेयक राज्यपालों को केवल लम्बी हिरासत के आधार पर निर्वाचित मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को बर्खास्त करने का अधिकार देता है। यह भारत को फासीवादी राज्य की ओर धकेलने का एक सोचा समझा और शरारतपूर्ण प्रयास है। यह संघवाद पर प्रहार करता है, जनादेश को कमजोर करता है और यह भाजपा को एजेंसियों का दुरुपयोग करने और निर्वाचित सरकारों को गिराने का खतरनाक हथियार देता है।

       विरोध प्रदर्शन में भाकपा जिला सचिव अशोक कुमार तिवारी, पूर्व जिला सचिव राम तीर्थ पाठक, सहायक सचिव शैलेन्द्र प्रताप सिंह, ओमप्रकाश यादव, अयोध्या प्रसाद तिवारी, उदयचंद यादव, मो० मुजीब , जयश्री, बद्री प्रसाद यादव, शिवराम, जदुनाथ, राम अचल पाल, सरोज, किरन, उर्मिला, रामा, शारदा, रेखा, जयमाला सहित अन्य लोग शामिल रहे।

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