समाज बिखरा रहेगा तो केवल अपने समाज का नेता बनकर रह जाएगा, सत्ता में भागीदारी के लिए सर्व समाज को साथ लेना अनिवार्य- मनोज कुमार मौर्य
प्रमुख संवाददाता
लखनऊ। वरिष्ठ समाजसेवी एवं पत्रकार मनोज कुमार मौर्य ने कहा कि समाज को बिखराव की जगह एकजुटता की राह पर चलना होगा, तभी शासन सत्ता में हिस्सेदारी सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सत्ता तक पहुँचने का सपना तब तक अधूरा रहेगा जब तक समाज छोटे-छोटे समूहों, जातियों और व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं में बंटा रहेगा। मीडिया वार्ता के दौरान श्री मौर्य ने साफ शब्दों में कहा, “आज के दौर में यदि हम केवल अपने-अपने समाज तक सीमित रहेंगे तो नेता तो बन सकते हैं, लेकिन शासन सत्ता तक नहीं पहुँच पाएंगे। सत्ता हासिल करने के लिए आवश्यक है कि सर्व समाज को साथ लेकर चलें। गांव से लेकर राज्य और देश तक का विकास केवल सामूहिकता और एकता से ही संभव है।” उन्होंने कहा कि जब तक समाज बिखरा रहेगा, तब तक बड़े परिवर्तन की कल्पना अधूरी रहेगी। सत्ता में भागीदारी और नीतियों पर प्रभाव तभी संभव है जब समाज अपने मतभेदों को दरकिनार कर सामूहिक शक्ति का परिचय देगा। जातिगत भेदभाव को बताया सबसे बड़ी बाधा है l श्री मौर्य ने जातिगत भेदभाव और समाज के भीतर आपसी खींचतान को प्रगति की सबसे बड़ी बाधा बताया। उन्होंने कहा कि इन संकीर्णताओं से ऊपर उठकर ही हम मजबूत समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं। “यदि समाज आपसी मतभेदों को भूलकर एकजुट होता है तो कोई भी ताकत उसे सत्ता से वंचित नहीं कर सकती,” उन्होंने कहा।
युवाओं से किया आह्वान वरिष्ठ समाजसेवी मौर्य ने युवाओं को विशेष संदेश देते हुए कहा कि आने वाले समय में देश और समाज की बागडोर युवाओं के हाथ में होगी। इसलिए युवाओं को चाहिए कि वे जात-पात, क्षेत्रवाद और छोटे-छोटे मतभेदों से ऊपर उठकर एकता की मिसाल पेश करें। यही समाज और देश को नई दिशा देगा। सर्व समाज की एकजुटता से ही होगा विकास उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी गांव, समाज, राज्य या देश का विकास करना है तो सर्व समाज की भागीदारी आवश्यक है। केवल एक वर्ग या समुदाय तक सीमित रहकर न तो वास्तविक विकास संभव है और न ही सत्ता की बागडोर हासिल की जा सकती है। अंत में श्री मौर्य ने कहा कि समाज को जागरूक होकर एकजुटता की ताकत को पहचानना होगा। यदि समाज एक साथ खड़ा हो गया तो शासन सत्ता तक पहुँचना कठिन नहीं रहेगा।

bahut acche vichar rakha hai aapne
ReplyDeleteaaj ki jarurat hai shasan me bhagidari
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