10 सूत्रीय मांगों को लेकर निकाय कर्मचारियों ने बांधी काली पट्टी, सरकार से वार्ता न होने पर आंदोलन की दी चेतावनी
नगर निगम लखनऊ में निकाय कर्मचारियों का ध्यानाकर्षण आंदोलन, पुरानी पेंशन बहाली समेत 13 सूत्रीय मांगों पर अड़े कर्मचारी
मनोज कुमार मौर्य
लखनऊ l उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के आवाहन पर प्रमुख रुप से 10 सूत्रीय मांग पत्र को लेकर पूरे प्रदेश के निकाय कर्मचारी ने दि.13 अक्टूबर से दि.16 अक्टूबर तक काला फीता बांध कर सरकार का ध्यान आकर्षण कराएगा.कार्यक्रम के तारतम्य में लखनऊ नगर निगम में भी कार्यक्रम किया गया। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष शशिकुमारमिश्र मिश्र ने बताया 10 सूत्री मांग पत्र को लेकर 9 अक्टूबर को जीपीओ पार्क लखनऊ में धरना के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री जी एवं नगर विकास मंत्री जी को ज्ञापन प्रेषित किया गया था, तत्पश्चात नगर विकास विभाग ने दि.16 अक्टूबर को महासंघ की मांगों पर वार्ता हेतु कर्मचारी प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया है। श्री मिश्र ने बताया कि 6-7 बार पूर्व में वार्ता हुई पर ऐसी वार्ता से विश्वास उठ गया है। इसलिए निकाय के कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर सरकार का ध्यान आकर्षण करा रहा है और 16 अक्टूबर को सार्थक निर्णय न होने की दशा में आन्दोलन का तृतीय चरण का आन्दोलन घोषित किया जायेगा ,गत 9 अक्टूबर को महासंघ ने अपने ज्ञापन में दि.10 नवंबर 2025 तक मांगो के आदेश/ निर्णय किए जाने का अनुरोध किया गया था,उसके बाद अनिश्चितकालीन कार्यबंदी करने पर विवस होना पडेगा l महासंघ मा.मंत्री नगर विकास को भी पत्र भेजे गए किंतु आज तक कोई कार्यवाही नही हुई l प्रमुख मांगे- अकेंद्रियत सेवानियमावली का प्रख्यापन न किया जाना, दैनिक वेतन भोगी, तदर्थ एवं संविदा कर्मचारियों का विनियमतीकरण न किया जाना, कैशलेस इलाज की सुविधा न दिया जाना,राज्य कर्मचारियों के समान वेतन भत्ते ना दिया जाना, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन वृद्धि, सेवा सुरक्षा, ईपीएफ, ईएसआई की नई दर को लागू न किया जाना, वेतन विसंगतियां दूर न किया जाना, पुरानी पेंशन बहाली ना किया जाना आदि 13 सूत्रीय मांग पत्र को लेकर पूरे प्रदेश का निकाय कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर कर अपने सीट पर बैठकर काम किया और सरकार का ध्यान आकर्षण भी कराया है। आज का ध्यानाकर्षण आन्दोलन नगर निगम मुख्यालय सहित सभी जोन कार्यालयों ,आर आर,उद्यान में भी कर्मचारियों ने काला फीता बांध कर विरोध प्रकट किया जिसमें मुख्य रूप से सै.कैसर रजा,आनन्द मिश्र रामकुमार रावत, जितेन्द्र सि़द्धार्थ, विजय यादव, बिन्दू सिंह ,कबीर दास, संजय चन्द्रा,विष्णु तिवारी,ओम प्रकाश उप्रेती,सुनीता तिवारी,आनन्द सिन्हा,पियूष शुक्ला,खुशी पान्डे,सोनम वर्मा,राजकुमार, सर्वेश पाल,बचान सिंह, गोमती त्रिवेदी,मनोज वर्मा,चन्द्र मोहन,हरिशंकर पान्डे,विजय शंकर पान्डेय, राशिद अकरम, रिषी धानुक, कुसुम,कुंवर जय सिंह, नितिन त्रिवेदी,आकाश गुप्ता,संतोष श्रीवास्तव, सुधाकर मिश्र, शैलेन्द्र तिवारी,अमरेन्द्र दीक्षित, राकेश तिवारी अनिल शुक्ला,योगेश कुमार, आर पी सिंह, संतोष अरुना,अक्क्षत बंसल,अमित सिंह, अखिलेश सिंह, सतीश कुमार सिंह, धीरेन्द्र विक्रम सिंह, पंकज अवस्थी,धीरेन्द्र यादव, अब्दुल रशीद, कुलदीप चौधरी,संजय श्रीवास्तव, दीपक शर्मा,राजीव रत्न राय, मो.रेहान, सागर दास,वीरेन्द्र कुमार, शम्भू तिवारी,ऋषी कुमार, सुशील कुमार ,आनन्द गौतम, विजेंद्र रावत आदि सैकडो कर्मचारी उपस्थित रहे l


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