बिहार की पहचान और भविष्य के लिए जागरूक होना जरूरी” — संसार जनकल्याण एक किरण फाउंडेशन के संस्थापक जितेन्द्र कुशवाहा
संसार जनकल्याण एक किरण फाउंडेशन के संस्थापक जितेन्द्र कुशवाहा ने अपनी गहरी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि, “हर पाँच वर्ष में हमने उम्मीद के साथ वोट किया, लेकिन हालात जस के तस रहे। न रोजगार बढ़ा, न उद्योग लगे, न शिक्षा और स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार आया। मजबूर होकर लाखों युवाओं को अपनी मातृभूमि छोड़नी पड़ी — आखिर इसमें गलती किसकी है?”
उन्होंने कहा कि पहले गर्व से कहा जाता था — “हम बिहारी हैं,” लेकिन आज की पीढ़ी अपनी पहचान और संस्कृति से दूर होती जा रही है। अगर यही स्थिति बनी रही तो आने वाला समय ऐसा होगा जब हमारे बच्चे न पूरी तरह बिहार के होंगे, न किसी और राज्य के — उनकी जड़ें मिट्टी से कट जाएँगी।
इसलिए, अब वक्त है कि हम अपनी सोच और मतदान की दिशा बदलें। जितेन्द्र कुशवाहा ने युवाओं से अपील की कि वे जाति और धर्म की राजनीति से ऊपर उठकर बिहार के विकास की राजनीति करें। उन्होंने कहा कि “यदि हम शिक्षित, ईमानदार और दूरदर्शी नेतृत्व को चुनेंगे तो बिहार फिर से शिक्षा, संस्कृति और विकास का केंद्र बनेगा।"
अंत में उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा —
“बदलाव की शुरुआत दूसरों से नहीं, खुद से करनी होगी। जब हम जागरूक होंगे, तभी बिहार अपने असली गौरव को वापस पा सकेगा। बिहार को बचाना है तो एकजुट होकर विकास के लिए वोट करना होगा, न कि भावनाओं के बहाव में बहकर।”

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