दीवाली रोशनी, खुशियों और एकता का पर्व है। यह केवल घरों में दीप जलाने का नहीं, बल्कि समाज में प्रेम और सद्भाव की ज्योति फैलाने का अवसर है। दीवाली के कई रंग होते हैं—कहीं दीपों की जगमगाहट है, कहीं मिठाइयों की मिठास, तो कहीं सेवा और सहयोग की भावना। इसी पवित्र अवसर पर अपर्णा सर्व सेवा समिति द्वारा जरूरतमंद बच्चों के बीच दीपक और चॉकलेट वितरित कर एक अनूठा संदेश दिया गया कि असली दीवाली तब होती है जब किसी के चेहरे पर मुस्कान लाई जाए।
इस सेवा कार्यक्रम में संसार जनकल्याण एक किरण फाउंडेशन के संस्थापक एवं समाजसेवी जितेन्द्र कुशवाहा, साथ ही सुबोध पंडित और मनोज कुमार को भी सम्मिलित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। तीनों समाजसेवियों ने बच्चों के बीच जाकर उन्हें चॉकलेट बाँटी तथा उनके साथ दीवाली की खुशियाँ साझा कीं। उन नन्हे चेहरों पर खुशी और आशा की चमक देखना एक भावनात्मक और प्रेरणादायक क्षण था।
जितेन्द्र कुशवाहा का मानना है कि “दीवाली तभी पूर्ण होती है जब हमारे आस-पास का कोई व्यक्ति अंधकार से निकलकर उजाले में कदम रखे।” अपर्णा सर्व सेवा समिति का यह प्रयास समाज में सेवा, संवेदना और प्रेम का प्रतीक बन गया।
दीवाली के इस पर्व ने यह सिखाया कि दीप केवल घरों में ही नहीं, बल्कि हर दिल में जलने चाहिए—तभी सच्चे अर्थों में रोशनी का यह त्योहार अपने उद्देश्य को पूरा करता है।

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