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वेतन भुगतान न होने से नाराज बिजली आउटसोर्स कर्मियों का प्रदर्शन

प्रमुख संवाददाता

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन द्वारा क्षेत्रीय कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों का बायोमेट्रिक उपस्थित लगाने हेतु बायोमेट्रिक सिस्टम स्थापित करने का आदेश निर्गत किया गया था।


किंतु मध्यांचल  प्रबन्धन द्वारा क्षेत्रीय कार्यालयों में बायोमेट्रिक सिस्टम स्थापित करने के स्थान पर कर्मचारियों के ऊपर दबाव बनाकर उनके स्वयं के मोबाइल से फेस अटेंडेंस लगाने का दबाव बनाया गया। प्रदेश महामंत्री देवेन्द्र कुमार पाण्डेय नें बताया कि शुरुआती दौर में पावर कार्पोरेशन प्रबंधन द्वारा एक मोबाइल से तीन कर्मचारियों के फेस अटेंडेंस लगाने की व्यवस्था की गई थी । 


जिससे जिन कर्मचारियों के पास एंड्रॉयड मोबाइल नहीं था वह कर्मचारी अपने साथी कर्मचारियों के मोबाइल से फेस अटेंडेंस लगाने लगे किंतु 1 जून 2025 से एक मोबाइल से 3 कर्मचारियों के स्थान पर एक कर्मचारी का फेस अटेंडेंस लगाने की व्यवस्था शुरू कर दी गई।


पाण्डेय नें आगे कहा कि जिसके कारण जिन कर्मचारियों के पास एंड्रॉयड मोबाइल नहीं था उन कर्मचारियों द्वारा फेस अटेंडेंस के स्थान पर पूर्व कि भांति उपस्थिति रजिस्टर में अपनी उपस्थिति दर्ज करना जारी रखा गया किन्तु मध्यांचल प्रबन्धन द्वारा ऐसे कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया, हालांकि खण्डिय कार्यालयों द्वारा प्रति माह उपस्थिति सत्यापित कर मध्यांचल डिस्काम को भेजा जाता रहा किन्तु पावर कॉरपोरेशन प्रबन्धन द्वारा फेस अटेंडेंस न लगाने वाले कर्मचारियों के वेतन का भुगतान नहीं किया गया।


उन्होंने कहा कि दिनांक 14 नवम्बर 2025 को संगठन द्वारा किए गए ध्यानाकर्षण विरोध प्रदर्शन के दौरान मुख्य अभियन्ता (HR) द्वारा ऐसे कर्मचारियों के वेतन का भुगतान कराने के लिए आश्वस्त किया गया था इसके बावजूद भी वेतन का भुगतान नहीं किया गया।


लखनऊ के राजाजीपुरम में हेमराज व राजकपूर को पिछले 4 माह से अधिक समय से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। हालांकि उक्त कर्मचारियों द्वारा एंड्रॉयड मोबाइल खरीद कर एक माह से फेस अटेंडेंस भी लगाया जा रहा है इसके बावजूद भी वेतन का भुगतान नहीं किया गया जिसके कारण साथी कर्मचारियों द्वारा राजाजीपुरम पाल तिराहा विद्युत उपकेन्द्र पर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।

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