शिक्षा और जागरूकता की कमी के कारण समाज का समग्र विकास प्रभावित हुआ है” — जितेन्द्र कुशवाहा
नई दिल्ली। संसार जनकल्याण किरण फाउंडेशन के संस्थापक और समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा ने समाज में शिक्षा और जागरूकता की कमी को विकास रुकने का मुख्य कारण बताया। उन्होंने कहा कि आज भी कई समुदाय इसलिए पिछड़ रहे हैं क्योंकि शिक्षा का प्रसार और जागरूकता का स्तर अभी भी अपेक्षित नहीं है। जब तक समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा नहीं पहुँचेगी, तब तक वास्तविक विकास संभव नहीं हो सकता।
जितेंद्र कुशवाहा ने कहा कि शिक्षा केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं, बल्कि एक ऐसे समाज की नींव है जहाँ सोच में बदलाव, समानता, संस्कार, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता विकसित होती है। जागरूक नागरिक ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन, अधिकारों की रक्षा और कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष को मजबूत बनाते हैं।
उन्होंने युवाओं को विशेष रूप से प्रेरित करते हुए कहा कि आज के युवा केवल अपने भविष्य के निर्माता नहीं, बल्कि समाज के विकास के भी सबसे बड़े आधार हैं। इसलिए हर युवा का दायित्व है कि वह शिक्षा के महत्व को समझे और दूसरों तक भी इसे पहुँचाने में सक्रिय भूमिका निभाए।
कुशवाहा ने अपील की कि समाज के प्रबुद्ध लोग, शिक्षक, सामाजिक संगठन और युवा मिलकर उन क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाएँ जहाँ शिक्षा और जागरूकता की कमी सबसे अधिक है। उन्होंने कहा—
“जहाँ शिक्षा होगी, वहीं अवसर बढ़ेंगे; जहाँ अवसर बढ़ेंगे, वहीं विकास की राह खुलेगी।”
उनका यह संदेश समाज को शिक्षा को प्राथमिकता देने और सामूहिक प्रयासों से विकास की दिशा में आगे बढ़ने का प्रेरक आह्वान है।

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