विशेष संवाददाता
लखनऊ समाज के विकास की दिशा तब ही मजबूत होती है, जब उसके सभी संगठन, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षित युवा और नेतृत्व एकजुट होकर साझा लक्ष्य निर्धारित करें। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा ने कहा कि कुशवाहा समाज के सभी संगठन यदि एक मंच पर आकर सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक प्रगति के लिए सामूहिक प्रयास करें, तो समाज का सर्वांगीण विकास निश्चित रूप से संभव है।
उन्होंने वर्तमान सामाजिक स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज कुशवाहा समाज दो भागों में बंटता जा रहा है—एक ओर वे लोग हैं जो आर्थिक रूप से मजबूत हैं, जबकि दूसरी ओर अंतिम पंक्ति में खड़े लोग आर्थिक सुधार के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं। ऐसी परिस्थिति में सामाजिक संगठनों को आगे आकर इस असमानता को कम करने की दिशा में प्रभावी भूमिका निभानी होगी।
इसी क्रम में उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय युवा कुशवाहा समाज भारत (रजि.) सहित सभी संगठनों का कर्तव्य है कि वे शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा जैसी प्राथमिक आवश्यकताओं पर मिलकर कार्य करें।
जितेंद्र कुशवाहा ने कहा कि संगठनात्मक मतभेद और व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धा समाज की प्रगति की राह में बाधा हैं। यदि सभी संगठन एकजुट होकर शिक्षा जागरूकता, बेटी–बेटा समान शिक्षा, नशा मुक्ति अभियान, प्रतिभा सम्मान, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जनजागरण जैसे कार्यक्रम चलाएँ, तो समाज में तेज़ी से सकारात्मक बदलाव आ सकता है।
अंत में उन्होंने अपील करते हुए कहा,
“कुशवाहा समाज के सभी संगठन समाज के सम्पूर्ण विकास में योगदान एवं सहयोग करें, तभी हम अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत भविष्य तैयार कर पाएँगे।”

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