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जलकल विभाग के अधिशासी अभियंता के तबादले पर उठा सियासी घमासान

सत्ता पक्ष के कई जनप्रतिनिधि बोले – “सचिन यादव का स्थानांतरण रोका जाए”

प्रमुख संवाददाता

लखनऊ। जलकल विभाग में प्रभारी अधिशासी अभियंता  सचिन यादव का तबादला राजधानी में चर्चा का विषय बन गया है। इस मामले में सत्ता पक्ष के आधा दर्जन से अधिक जनप्रतिनिधि खुलकर उनके समर्थन में आ गए हैं।

विधानसभा पुरवा के विधायक अनिल सिंह ने विधानसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि “सचिन यादव का स्थानांतरण साजिश के तहत किया गया है।” उनका कहना है कि सचिन यादव ने ठेकेदारों की मनमानी के अनुरूप कार्य करने से इंकार किया था, जिसके बाद उनके खिलाफ फर्जी शिकायतें दर्ज कराई गईं।

महापौर सुषमा खर्कवाल ने भी सचिन यादव के पक्ष में पत्र लिखकर प्रशासन से तबादला निरस्त करने की सिफारिश की है। इसके अलावा एमएलसी अवनीश कुमार सिंह, पूर्व डिप्टी सीएम ,राज्यसभा सांसद प्रो. दिनेश शर्मा,मिल एमएलसी रामचंद्र प्रधान, विधायक अजय सिंह और विधायक आनंद कुमार गोंड ने भी पत्र लिखकर सचिन यादव का तबादला रोकने की मांग की है।


सूत्रों के अनुसार, कई जनप्रतिनिधियों ने जलकल विभाग में चल रही ठेकेदार लॉबी की भूमिका पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि ईमानदारी से काम करने वाले अधिकारियों को साजिश के तहत निशाना बनाया जा रहा है।


जलकल/ नगर निगम से जुड़े सूत्रों का कहना है कि मामले ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है और यह फिलहाल “सत्ता पक्ष बनाम सिस्टम” की तर्ज पर तूल पकड़ रहा है।

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