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10 सूत्रीय मांगों को लेकर निकाय कर्मचारी महासंघ का अल्टीमेटम, 19 जनवरी से प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

समयबद्ध समाधान न होने पर निर्णायक संघर्ष करेगा निकाय कर्मचारी महासंघ - शशिकुमार मिश्रा

नगर विकास विभाग की अनदेखी से आक्रोशित निकाय कर्मचारी, फरवरी से कार्यबंदी आंदोलन की तैयारी

प्रमुख संवाददाता

लखनऊ l उ.प्र.स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ अपने 10 सूत्रीय संशोधित मांग पत्र के समाधान हेतु पुनः प्रदेश के मा•मंत्री जी,नगर विकास व प्रमुख सचिव नगर विकास सहित निदेशक स्थानीय निकाय व अन्य जिम्मेदार अधिकारियो को दि•30 दिसम्बर 25 को पत्र/आन्दोलन की नोटिस प्रेषित कर समयबद्ध निस्तारण की मांग  महासंघ ,नव वर्ष 2026 की प्रदेश वासियो,प्रदेश सरकार व शासन को बधाई देते हुए मांग की है कि हमारे निकाय कर्मचारियो की बहुत लम्बे समय से उनकी समस्याओ का समाधान नही हो पा रहा,जिसके समाधान हेतु महासंघ गत दिनो एक लम्बा ध्यानाकर्षक आन्दोलन किया,जिसके अन्तर्गत लगभग 7-8 बार प्रमुख रूप से प्रमुख सचिव स्तर पर बैठक भी हुई, जिसमें दि•15 जनवरी 26 तक समयबद्ध निस्तारण का आश्वासन भी जारी किए गए परन्तु खेद है कि इस सरकार व नगर विकास विभाग ने अभी तक कोई सकारात्मक निर्णय नही लिया जा सका,इन्ही निरन्तर प्रयास के अन्तर्गत पुनः एक बार फिर महासंघ ने मा•मंत्री महोदय व प्रमुख सचिव के संज्ञान हेतु आन्दोलन की नोटिस देकर अनुरोध किया कि यदि समय रहते पूर्व हुई बैठको आदि के निर्णयानुसार समस्याओ का समाधान नही निकला तो पूरे प्रदेश की ईकाईयो द्वारा दि•19 जनवरी 26 को अपने अपने विभागाध्यक्ष के माध्यम से मा•मंत्री जी व प्रमुख सचिव को ज्ञापन प्रेषित कर आन्दोलन की तैयारी करेगा,जिसके क्रम में दि•19 फरवरी 26 तक प्रदेश की निकायो में जनजागरण मीटिंग, संशोधित मांग पत्र से कर्मचारी साथियो को अवगत कराते हुए, पूर्व स्थगित कार्यबन्दी के आन्दोलन को प्रारम्भ करेगा l महासंघ ने अपने संशोधित मांग पत्र में प्रमुख रूप से अकेन्द्रियत सेवा नियमावली,वर्ष 2001 तक कार्यरत दैनिक वेतन, संविदा व धारा 108 के कर्मचारियो का विनियमतीकरण, सफाई कर्मचारियो की समस्याओ का समाधान  वेतनविसंगति,आउटसोर्सिंग कर्मचारियो की सेवा सुरक्षा,न्यूनतम वेतन रू•25000/,स्थायीकरण ,चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियो की पदोन्नत ,लिपिक, राजस्व आदि सम्वर्गो का पुनर्गठन ,राज्य कर्मचारियो की भांति ढांचा,पुरानी पेंशन बहाली,कैशलेस ईलाज व्यवस्था आदि मांग पत्र पर निर्णय नही निकला तो अब प्रदेश का निकाय कर्मचारी चुप नही बैठेगा,महासंघ अपनी समस्याओ के समाधान हेतु जो पिछले 7-8 वर्षो से संघर्ष करता हुआ सैकडो ध्यानाकर्षक आन्दोलन से प्रदेश सरकार व शासन को अवगत करा चुकाने के बाद कोई भी निर्णय नही लिया जा रहा,इन परिस्थितयो में महासंघ के पास अब निर्णायक आन्दोलन ही एक मात्र विकल्प शेष है शशि  कुमार मिश्र प्रदेश अध्यक्ष

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