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भाजपा राज में लोकतांत्रिक आवाज़ों पर लाठी, अधिवक्ता भी नहीं सुरक्षित - अविनाश कुशवाहा

सत्ता के संरक्षण में टोल ठेकेदारों की गुंडई, सोनभद्र की घटना निंदनीय : सपा


सनातन और राम के नाम पर सत्ता, आदिगुरु शंकराचार्य पर भी लाठीचार्ज 


मनोज कुमार मौर्य

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के सत्ता में आने के बाद से प्रदेश में जनआंदोलनों और लोकतांत्रिक आवाज़ों पर लगातार पुलिसिया दमन किया जा रहा है। कभी किसानों पर लाठियां चलती हैं, तो कभी बेरोजगार युवाओं पर। सनातन धर्म और प्रभु श्रीराम के नाम पर सत्ता में आई भाजपा सरकार आज उसी सनातन परंपरा के स्तंभ आदिगुरु शंकराचार्य तक के सम्मान की रक्षा करने में विफल साबित हुई है। हाल ही में प्रयागराज में संगम स्नान से रोके जाने और पुलिस द्वारा लाठीचार्ज की घटना ने सरकार के असली चेहरे को उजागर कर दिया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा ने कहा कि खुद को ‘योगी’ कहने वाले मुख्यमंत्री के इशारे पर प्रदेश में दमनकारी रवैया अपनाया जा रहा है। सत्ता के संरक्षण में अराजकता इस कदर बढ़ चुकी है कि अब कानून की रक्षा करने वाले अधिवक्ता भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के दिखाए रास्ते पर चलते हुए अब प्रदेश के टोल प्लाजा पर वसूली के लिए नियुक्त ठेकेदार आए दिन अधिवक्ताओं को परेशान कर रहे हैं, उनका अपमान कर रहे हैं और खुलेआम गुंडई कर रहे हैं। सत्ता की शह पर हालात इतने खराब हो गए हैं कि न्याय दिलाने वाले अधिवक्ताओं को सरेराह पीटा जा रहा है। इसी क्रम में कल जनपद सोनभद्र में एक महिला अधिवक्ता के साथ की गई अभद्रता और मारपीट की घटना बेहद निंदनीय है। यह घटना भाजपा सरकार के अहंकार और दोहरे चरित्र को दर्शाती है। एक ओर भाजपा नेताओं के संदेश से टोल फ्री हो जाता है, वहीं दूसरी ओर कड़ी धूप और कड़ाके की ठंड में अपने मुवक्किलों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करने वाले अधिवक्ताओं के साथ मारपीट की जाती है, जो किसी भी हालत में क्षम्य नहीं है। अविनाश कुशवाहा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समाजवादी पार्टी इस घटना की घोर निंदा करती है और सरकार से मांग करती है कि दोषियों के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि प्रदेश में कानून का राज स्थापित हो सके और अधिवक्ताओं का सम्मान व सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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