स्टेट हाईवे के नाम पर रॉबर्ट्सगंज के व्यापारियों से धोखा, भाजपा पर गंभीर आरोप
बाईपास का सपना, हाईवे की हकीकत: रॉबर्ट्सगंज में व्यापारियों में उबाल
हजारों दुकान-मकान खतरे में, नजूल पर बसे लोगों को मुआवजा भी नहीं
भाजपा ने व्यापारियों की पीठ नहीं पेट पर मारी लात: अविनाश कुशवाहा
मनोज कुमार मौर्य
रॉबर्ट्सगंज। कोरोना काल के दौरान जब आम जनमानस घरों में कैद था, उसी समय भाजपा सरकार ने रामगढ़ – शाहगंज – घोरावल मार्ग को स्टेट हाईवे घोषित कर दिया। इस निर्णय का शाहगंज, रॉबर्ट्सगंज, रामगढ़ और खलियारी के व्यापारियों ने तीव्र विरोध किया। व्यापारियों को भय था कि इस मार्ग के हाईवे बनने से उनका व्यापार पूरी तरह चौपट हो जाएगा। विशेष रूप से रॉबर्ट्सगंज के व्यापारियों ने बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू किया। बढ़ते विरोध और अपने वोट बैंक की नाराजगी को देखते हुए भाजपा ने नगर के बाहर से बाईपास निर्माण का आश्वासन देना शुरू किया। विधानसभा और नगरपालिका चुनावों के दौरान भाजपा ने तीन अलग-अलग मार्गों से बाईपास बनाने के सपने जनता को दिखाए, लेकिन चुनाव बीत जाने के बाद एक भी बाईपास को स्वीकृति नहीं मिली।इस दौरान सत्ता से जुड़े कुछ प्लाटरों ने बाईपास के नाम पर जमकर जमीनों की प्लाटिंग कर बिक्री की, जबकि वास्तविकता में व्यापारियों की समस्या जस की तस बनी रही। अब हाल ही में यह स्पष्ट हो गया है कि बाईपास स्वीकृत नहीं हुआ, बल्कि यह खबर सामने आई है कि रॉबर्ट्सगंज से शाहगंज होते हुए कलवारी तक स्टेट हाईवे के प्रथम चरण का टेंडर पास कर दिया गया है। इस फैसले को लेकर व्यापारियों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि यह योजना लागू हुई तो रॉबर्ट्सगंज में हजारों मकान और दुकानें हमेशा के लिए खत्म हो जाएंगी। साथ ही, नजूल भूमि पर बसे सैकड़ों लोगों को मुआवजा तक नहीं मिलेगा , जिससे वे पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगे। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव अविनाश कुशवाहा ने कहा कि भाजपा ने इस बार रॉबर्ट्सगंज के व्यापारियों की पीठ ही नहीं, पेट में भी लात मारने का काम किया है। भाजपा व्यापारियों को केवल वोट बैंक समझती है। इस पूरे संकट के लिए भाजपा पूरी तरह जिम्मेदार है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी व्यापारियों की इस लड़ाई को सड़क से सदन तक पूरी ताकत से लड़ेगी l

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