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सम्मानित एवं पुरस्कृत हुई भवदीय की प्रतिभाएं 2025-26

अयोध्या से रवि मौर्य की रिपोर्ट 

अयोध्या। भवदीय पब्लिक स्कूल में मंगलवार को वार्षिक पुरस्कार समारोह का भव्य आयोजन  प्रातः 11:00 बजे किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय प्रबंधन एवं अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। तत्पश्चात् उप प्रमुख छात्र दिव्यांश पाण्डेय द्वारा स्वागत भाषण प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ हुआ। विद्यालय के अध्यक्ष इंजी. पी.एन. वर्मा  ने अपने उद्बोधन में कहा कि- “विद्यालय के उत्तरोत्तर विकास में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है संस्था का पूर्ण दायित्व शिक्षकों पर होता है। शिक्षक ही विद्यार्थी जीवन के सारथी होते हैं इसलिए सभी विद्यालय के प्रति समर्पण की भावना से कार्य करें।“ इसके उपरांत कक्षा VI से VIII तक के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मध्य में “बटोहिया गीत” पर समूह गान प्रस्तुत किया गया, जिसने उपस्थित सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। तत्पश्चात कक्षा IX एवं XI के विद्यार्थियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में लोक-नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति भी दी गई। इस अवसर पर विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार वितरित किए गए, जिनमें 100% उपस्थिति पुरस्कार, नेतृत्व उत्कृष्टता पुरस्कार, कलात्मक उत्कृष्टता पुरस्कार, शैक्षणिक प्रगति पुरस्कार, सकारात्मक आचरण पुरस्कार तथा युवा फिल्म निर्माता पुरस्कार शामिल रहे।

विषय विशेष उत्कृष्टता के अंतर्गत गणित, विज्ञान, अंग्रेजी, हिंदी, सामाजिक विज्ञान एवं संस्कृत में 95% से अधिक अंक पाने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। साथ ही विभिन्न सदन (कलाम, पटेल, राधाकृष्णन, विवेकानंद) के छात्रों को सदन प्रतिबद्धता पुरस्कार' प्रदान किए गए। कार्यक्रम में शिक्षक विनायक त्रिपाठी, प्रितेश पॉल एवं शिक्षिका दीप्ति चौधरी, फराह फातिमा को विभिन्न श्रेणियां में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रबंधक डॉ0 अवधेश वर्मा द्वारा सभी शिक्षकों एवं छात्रों की सराहना करते हुए अपने आशीर्वचनों से अभिसिंचित किया। “कॉक हाउस” की घोषणा के साथ कार्यक्रम अपने अंतिम चरण में पहुँचा।

समारोह का समापन धन्यवाद ज्ञापन, विद्यालय गीत के साथ हुआ। यह आयोजन विद्यालय के लिए गौरवपूर्ण एवं प्रेरणादायक रहा।

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