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भारत सरकार से कॉपीराइट मिलने पर गणित शिक्षक और एआरपी रत्नेश कुमार का परिषदीय विद्यालयों में सम्मान

मैनपुरी। भारत सरकार से गणितीय शोध पर कॉपीराइट पंजीकरण प्राप्त करने वाले गणित शिक्षक एवं शोधकर्ता रत्नेश कुमार का क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में विद्वान शिक्षकगण द्वारा गर्मजोशी से स्वागत एवं सम्मान किया गया।

शुक्रवार को प्राथमिक विद्यालय शिवपुरा, सुल्तानगंज में शिक्षकों ने रत्नेश कुमार का समोसा, चाय एवं मौसमी फलों से आतिथ्य कर स्वागत किया। इसके बाद गुलाब एवं गेंदे की फूलमाला पहनाकर, पुष्प अर्पित कर तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

इससे पूर्व प्राथमिक विद्यालय उमरीहार तथा कम्पोजिट विद्यालय ब्यौति खुर्द में भी विद्वान शिक्षकगण एवं विषय विशेषज्ञ एआरपी साथियों द्वारा माल्यार्पण कर स्नेहपूर्वक सम्मान प्रदान किया गया।

यह सम्मान रत्नेश कुमार के गणितीय शोध

“सबसे छोटी संख्याएँ लिखने के रत्नेश के तर्क (Ratnesh’s Logics to Write the Smallest Numbers)”

को भारत सरकार से प्राप्त कॉपीराइट पंजीकरण (जो विश्व के लगभग 181 देशों में मान्य है) के उपलक्ष्य में दिया गया।

इस अवसर पर इंचार्ज अध्यापक सुमित सहगल ने कहा कि रत्नेश कुमार का यह शोध गणित के क्षेत्र में एक सराहनीय प्रयास है, जो विद्यार्थियों में गणित के प्रति रुचि और तार्किक सोच विकसित करने में सहायक सिद्ध होगा।

सहायक अध्यापक दीपांशु यादव, प्रवीन कुमार, प्रदीप कुमार, सुषमा यादव, प्रीती वाला यादव तथा विज्ञान शिक्षिका बबिता द्विवेदी ने कहा कि विद्यालय परिवार को गर्व है कि शिक्षा जगत से जुड़े शिक्षक समाज और देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

एआरपी कुलदीप वर्मा (जिनके मार्गदर्शन में 17 विद्यार्थियों का चयन सर्वोदय विद्यालय में हुआ है) ने कहा कि रत्नेश कुमार का यह शोध शिक्षा जगत के लिए प्रेरणादायी है और इससे शिक्षकों व विद्यार्थियों को नई दिशा मिलेगी।

वहीं विज्ञान एआरपी ब्रजेश प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षक यदि शोध और नवाचार की दिशा में कार्य करें तो शिक्षा व्यवस्था और अधिक समृद्ध हो सकती है। रत्नेश कुमार का यह प्रयास उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

रत्नेश कुमार ने सभी शिक्षक साथियों के स्नेह, सम्मान और प्रोत्साहन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें शिक्षा और गणित के क्षेत्र में और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है।

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