साहित्य भूषण कमलेश मौर्य मृदु की अध्यक्षता में कवि सम्मेलन सम्पन्न, फूलों की होली के साथ कार्यक्रम का समापन
अजय कुमार
बिसवां , सीतापुर l साहित्य भूषण कमलेश मौर्य मृदु की अध्यक्षता एवं संचालन में संपन्न हुआ कुंवरगड्डी का कवि सम्मेलन। होली मिलन समारोह के अवसर पर युवा कवि सोमेंद्र सक्षम के संयोजन में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। आयोजक अमर सिंह राना अधिवक्ता उच्च न्यायालय ने सभी उपस्थित अतिथियों व कवियों का स्वागत किया व आभार व्यक्त किया।
स्थानीय कवयित्री श्रीमती पिंकी अरविंद प्रजापति द्वारा प्रस्तुत वाणी वंदना से कवि सम्मेलन का प्रारंभ हूआ। अध्यक्षता कर रहे साहित्य भूषण कमलेश मौर्य मृदु ने मां वीणा पाणि से याचना करते हुए कहा
राष्ट्रीय एकता अखंडता व अस्मिता के प्रति अनुराग सबके हृदय में भर दो।
रंग से नहाये जो भी सामने हमारे आये होली पर लेखनी को पिचकारी कर दो।।
श्री मृदु ने होली पर संकल्प की पंक्तियां पढ़ते हुए कहा धरती ही नहीं ये हमारी है मां फिर अंग कोई कटने नहीं देंगे।
हम आप प्रतिज्ञा यही कर लें मृदु भारत को बटने नहीं देंगे।।
लखीमपुर से पधारे ओज कवि पवन तारा ने कहा
नहीं मानेंगे भाई , छीन लेंगे।
हम अपनी पाई पाई छीन लेंगे।
कोई सरकार हो कालर पकड़ कर
पसीने की कमाई छीन लेंगे।।
पुवायां शाहजहांपुर के हास्य व्यंग कवि विजय तन्हा ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा
होली के दिन याद कर तन्हा करें मलाल।
अपनी के भी ना मिले उस दिन कोरे गाल।।
महराज नगर बिसवां से पधारीं नवोदित कवयित्री कु. दिव्या वर्मा विद्यार्थी ने कुछ इस तरह अपने भावों को अभिव्यक्ति दी
रोज ही खुद को खुद से मिलाती हूं मैं। अपनी दुनिया अलग ही बसाती हूं मैं। मैं हूं मंजिल की राही ने राहों का डर, रास्ता अपना खुद ही बनाती हूं मैं।। इसी क्रम में संयोजक सोमेंद्र सक्षम, हास्य कवि सुशील यदुवंशी, अमित यादव, शीलू यादव, पिंकी प्रजापति ने काव्यपाठ कर कवि सम्मेलन को ऊंचाइयां प्रदान कीं। अंत में कांग्रेस के भूतपूर्व जिलाध्यक्ष उत्कर्ष अवस्थी, रंजीत सिंह यादव ,समाज सेवी भूपेंद्र सिंह तोमर ने अपने विचार व्यक्त करते हुए समारोह की सराहना की सभी को होली व नव-वर्ष की बधाइयां दीं। समारोह का समापन फूलों की होली के साथ हुआ।

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